मुखिया पिछले लगभग चार महीने से भुक्तभोगी को देते रहे झूठा आश्वासन, पूरे मामले में मुखिया तथा पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध
Reporter अजय राज
प्रतापपुर(चतरा): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना में प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत टंडवा पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार,पंचायत में कई लाभुकों के नाम पर आवास स्वीकृत तो किया गया, लेकिन उसके भुगतान की राशि किसी और व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। ऐसा ही खेल पंचायत के करमाचक गांव के रहने वाले सुकन कुमार यादव पिता लट्टू यादव के साथ खेला गया है। इसको लेकर भुक्तभोगी सुकन कुमार यादव सीपी ग्राम पोर्टल पर तथा प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाई की मांग की है। इस बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए सुकन कुमार यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में मेरे नाम से आवास स्वीकृत हुआ था। जिसका आवास आईडी सुकन कुमार (खऌ 140132363)है। जब मेरे खाते में आवास का पैसा नहीं आया तो पंचायत के मुखिया से इसको लेकर कई बार बात किए तब उन्होंने बताया कि तुम्हारा सीरियल नंबर 496 है अभी आवास का पैसा खत्म हो गया है अगली बार जब सरकार आवास का पैसा भेजेगी तब पंचायत के सभी छूटे हुए लाभुक को आवास का पैसा उनके खाते में चला जाएगा। उसके बाद मैं काम के सिलसिले में गुजरात चला गया। तभी इसी वर्ष के जून माह में मुखिया किशोर यादव के द्वारा फोन करके मुझ से बोला गया कि आवास का पैसा खाता में डाला जा रहा है जल्दी से आधार पासबुक भेजवा दो ताकि वेरिफाई करवा के तुम्हारा खाता में पैसा डलवा देंगे।तब मेरे द्वारा बैंक पासबुक तथा आधार कार्ड आदि उन्हें उपलब्ध करवा दिया गया। पुनः उसी जून माह के अंतिम तारीख को मुखिया जी के द्वारा फोन किया गया और बोला गया कि “सुकन तुम्हारा खाता में आवास का पहला किस्त 40 हजार चला गया है आकर घर में काम लगा दो बाबू।।परंतु जब लाभुक सुकन यादव के द्वारा अपना खाता चेक किया गया तो उसमें आवास का पैसा नहीं आया था।। जब इस बात की जानकारी उनके द्वारा मुखिया किशोर यादव को दी गई तो उनका कहना था कि गलती से तुम्हारा पैसा कोई कारू यादव नाम के व्यक्ति के खाते में चला गया है। तब से लेकर आज तक लाभुक सुकन कुमार यादव आवास का पैसा पाने के लिए दर दर की ठोकर खा रहा है।। कभी मुखिया को फोन लगाता है तो कभी बीडीओ को तो कभी पीएम आवास ऑपरेटर को फोन लगाता है। परंतु कोई इस गरीब को सुनने को तैयार नहीं है। सुकन कुमार का कहना है कि यह सारा खेल पंचायत के मुखिया जी, पंचायत सचिव तथा पीएम आवास कर्मी और कुछ बिचौलिया की मिली भगत से खेला जा रहा है तथा मुझ गरीब को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया जा रहा है।इस बारे में जब मुखिया किशोर यादव से बात की गई तो उनका कहना है कि आवास सुकन यादव का नहीं बल्कि उसके एक रिश्तेदार का चाचा कारू यादव का है। अब यह बात अपने आप में ही बड़ी हास्यास्पद प्रतीत होती है कि जब आवास कारू यादव का है तो आवास सूची में सुकन यादव के नाम से आवास का रजिस्ट्रेशन कैसे है। इसके अलावे आवास पोर्टल पर आवास आईडी, आवास सैंक्शन से लेकर ऑर्डर शीट पर सुकन यादव का नाम कैसे है।इस पूरे मामले को लेकर भुक्तभोगी सुकन कुमार यादव ने पीएमओ कार्यालय, मुख्य सचिव झारखंड तथा उपायुक्त चतरा को पत्र लिख तथा ईमेल कर न्याय की गुहार लगाई है।। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि लाभुक सुकन यादव को उसका हक मिलता है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह हीं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है यह तो समय हीं बताएगा
