SUNIL
साहिबगंज: वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने सोमवार को उधवा पक्षी आश्रयाणी का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में मौजूद वन कर्मियों से विस्तृत जानकारी ली। और कई दिशा–निर्देश जारी दिए। मौके पर वनरक्षी पप्पू यादव, राजेश टुडू एवं सनी रजक मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान डीएफ़ओ ने बताया कि इस वर्ष उधवा झील में साइबेरियन एवं विभिन्न विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो चुका है, जिससे क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटक आकर्षण में वृद्धि हुई है। दूर-दूर से आने वाले प्रवासी पक्षी झील के पारिस्थितिकी तंत्र को समृद्ध करते हैं और स्थानीय लोगों के लिए प्रकृति पर्यटन का नया अवसर प्रस्तुत करते हैं। डीएफ़ओ ने कहा कि झील के अंदर या उसके आसपास किसी भी तरह के पक्षी शिकार सख्त वर्जित है। यदि कोई व्यक्ति शिकार करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सात साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने टीम को गश्ती बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया एवं सम्पर्क सूत्र जारी किए है। उधवा झील में इन दिनों पर्यटक शिकारा राइड का भरपूर आनंद ले रहे हैं। शांत झील, प्रवासी पक्षियों की चहक और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों से अपील की है कि वे क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। वन विभाग द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उधवा झील को एक सुरक्षित एवं आकर्षक पक्षी आवास बनाए रखना है।
