उपायुक्त की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा

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लंबित भुगतान व कार्यों में देरी पर प्रखंडों को कड़ी फटकार

KULDEEP KUMAR

चतरा: समाहरणालय सभाकक्ष में शनिवार को उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों की स्थिति, लक्ष्य प्राप्ति, वित्तीय उपयोगिता तथा भुगतान संबंधी मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं अबुआ आवास योजना की अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन लाभुकों के आवास निर्माण कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करते हुए शत-प्रतिशत आवास पूर्णता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवास निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया, ताकि लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। जिन प्रखंडों में लाभुक स्तर पर आवास निर्माण लंबित है, वहां प्रखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया।इसके उपरांत मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस), मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने तथा अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मनरेगा अंतर्गत लंबित मैटेरियल भुगतान के मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं कार्यक्रम पदाधिकारियों (बीपीओ) पर नाराजगी व्यक्त की और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि भुगतान से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को नियमानुसार शीघ्र पूरा करते हुए लंबित मैटेरियल पेमेंट तथा कर्मियों के मानदेय का भुगतान अविलंब सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि मजदूरों और कर्मियों के भुगतान में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है तथा इसके लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।बैठक में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में मनरेगा पार्क का निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए कहा कि पार्क के समुचित विकास के लिए आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रखंड स्तर पर नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं। प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों, तकनीकी सहायकों, कार्यान्वयन एजेंसियों तथा विभागीय प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाएं।बैठक में उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीपीओ, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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