पर्यटन स्थल को विकसित करने और प्राकृतिक शिल्प मे संभावनाओं की तलाश
अशोक अनन्त
लावालौंग/चतरा: उपायुक्त कीर्तिश्री ने जिले में पर्यटन के विकास एवं संभावनाओं की तलाश के उद्देश्य से चतरा एवं लावालौंग सीमा पर स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर खैवा बंदारू जलप्रपात का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया। खैवा बंदारू जलप्रपात निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेते हुए वहां आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं का आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पहुंच पथ की मरम्मती कराने तथा पर्यटकों के बैठने के लिए बनाए गए क्षतिग्रस्त शेड की मरम्मती एवं आवश्यकतानुसार नए शेड के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को विकसित कर जिले में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। खैवा बंदारू जलप्रपात जाने के क्रम में उपायुक्त ने बाजार टांड़ स्थित आंगनवाड़ी केंद्र भगवनिया का भी निरीक्षण किया तथा वहां संचालित योजनाओं की जानकारी ली। मौके पर जिला नियोजन पदाधिकारी मन्नू कुमार, जिला खेल पदाधिकारी कैलाश राम, चतरा अंचल अधिकारी अनिल कुमार, लावालौंग प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा योजना पदाधिकारी शिशिर पंडित उपस्थित थे।
