Deepak Mishra
लातेहार: वीर बाल दिवस के पावन अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) एवं साहिबजादा फतेह सिंह (6 वर्ष) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उन्हें भारत के नन्हें सपूतों का अद्वितीय उदाहरण बताया है।
उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर 1705 को इन दो बाल वीरों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिये अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इतिहास में बहुत से योद्धा हुये थे परंतु इतनी छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी वीरता दुर्लभ है उनके बलिदान आने वाली पीढ़ियों को यह सिखलाती है कि धर्म, आत्म-सम्मान और सच्चाई की रक्षा किसी भी कीमत पर की जाना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि वीर बाल दिवस केवल इतिहास की एक तारीख नहीं है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और भावी पीढ़ी के लिये एक प्रेरणास्रोत है, हमें अपने बच्चों को साहिबजादों की तरह सच्चे मूल्यों, साहस और सेवा-भाव से ओतप्रोत करना चाहिये। अनीता देवी ने सभी विद्यालयों, युवाओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इस दिवस को केवल स्मरण तक ही सीमित न रखें बल्कि नये भारत के निर्माण हेतु बच्चों में सच्चे संस्कार व निडरता का बीजारोपण करें। अंत में उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल सिख इतिहास नहीं है बल्कि भारतीय आत्मा का प्रतीक है यह दिवस हमें एक आदर्श जीवन की ओर प्रेरित करता है।
