रांची एयरपोर्ट पर 850 मीटर विजिबिलिटी में भी उतरेगा विमान, कैट टू लाइटिंग सिस्टम का काम हुआ शुरू

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Ranchi: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के रनवे पर वर्ल्ड क्लास का कैट-टू लाइटिंग का काम शुरू हो गया है. इस पूरे प्रकिया में अभी एक साल का और समय लगेगा. इसमें करीब 18 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इसके लिए रांची एयरपोर्ट पर काम भी शुरू हो चुका है. कैट-टू-लाइटिंग सिस्टम लगने के बाद अब 850 मीटर विजिबिलिटी पर भी विमान उतर सकेगा.

बता दें कि, अक्सर घना कोहरा होने के कारण विमान को उतारने में काफी कठिनाइयां होती थी. रनवे पर घने धुंध के कारण आए दिन विमान को दुसरे शहर के एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ता है. इन परेशानियों को देखते हुए रनवे पर एडवांस कैट टू एप्रोच लाइटिंग लगाया जा रहा है. जिसके बाद कोहरे और घने धुंध में भी विमान लैंडिंग और उड़ान भर सकेगा. अभी देश के दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, भोपाल, अमृतसर, जयपुर एयरपोर्ट पर कैट टू लाइटिंग सिस्टम लग चुका है.

रांची में फिलहाल 1300 मीटर विजिबिलिटी रहने पर उतरता है विमान

रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर फिलहाल 1300 मीटर नार्मल विजिबिलिटी रहने पर ही विमान उतरता और उड़ान भरता है. लेकिन इस डिवाइस के लग जाने से विमान लैंडिंग और टेक ऑफ में बड़ी सुविधा होगी. बता दें कि कैट-टू-लाइटिंग सिस्टम लगने के बाद विमान 850 मीटर विजिबिलिटी पर भी उतर सकेगा.

सर्दियों के सीजन में यात्रियों को अधिक होती है परेशानी

आमतौर पर ठंड के दिनों में हवाई यात्रा के दौरान विमान या तो कैंसिल हो जाती है, या तो उन्हें डायवर्ट करना पड़ता है. ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ विमान कंपनियों को भी नुकसान झेलना पड़ता है. कई बार शाम को रांची पहुंचने के बाद विमान को आसमान में ही चक्कर लगाकर लौटना पड़ता है. विमान कंपनियों को ऐसे में कई बार घाटा सहना पड़ता है. यात्रियों का भी समय बर्बाद होता था. कई बार विमान कंपनी के तरफ से यात्रियों को खाना मुहैया कराई जाती है. उन्हे गंतव्य तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाता है. ऐसे में कई बार पायलट के द्वारा रिस्क फैक्टर के साथ उतारने की पूरी कोशिश की जाती है. अब कैट टू लाइटिंग सिस्टम लगने से यात्रियों के साथ-साथ विमान कंपनियों को भी घाटा नहीं सहना पड़ेगा.

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