Eksandeshlive Desk
रांची : सिंदुआर टोला ग्रामोदय विकास विद्यालय द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण हेतु मांडर प्रखंड के पंचायत सचिवालय में वॉइस आफ सरवाइवर्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव राजेन कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य को विस्तार से बताते हुए कहा कि समाज में नासमझी के चलते अपनी बच्चियों की शादी कम उम्र में कर देते हैं जो कानूनी रूप से जुर्म है। लोगों को अपने बच्चों की शादी लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से पहले नहीं करनी चाहिए। जब बच्चे शादी की उम्र पार करें तब ही उनकी शादी करनी चाहिए।
संस्था धीरज कुमार राय ने उपस्थित बच्चियों को कम उम्र में शादी होने पर स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है इसकी उसकी पूरी जानकारी दी। कुछ कार्यक्रम में 10 सरवाइवर्स ने बाल विवाह से संबंधित अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनके माता-पिता के द्वारा कम उम्र में शादी कर रहे थे। हम लोगों ने माता-पिता को समझ कर अपनी शादी को रुकवाई। हम लोगों को अपने विद्यालय में संस्था के कार्यक्रम से जानकारी प्राप्त हुई थी। सभी लोगों ने बाल विवाह के विरुद्ध आवाज बुलंद की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कार्यकर्ता दिव्य राज, सुनीता टोप्पो, ललिता देवी और नितेश कुमार ने सहयोग किया।
