बीआईटी मेसरा और बिहार सरकार ने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान की निरंतरता के लिए किया एमओयू

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By Sunil


राँची: बीआईटी मेसरा तथा बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (डीएसटीटीई) ने बीआईटी पटना आॅफ-कैंपस की निरंतरता के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का 16 दिसंबर 2030 तक नवीनीकरण किया। समझौता हस्ताक्षर समारोह बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव कक्ष में आयोजित किया गया। समझौता ज्ञापन पर बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री हिमांशु शर्मा, आईएएस तथा संस्थान मेसरा के माननीय कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक अहमद महमूद, आईएएस तथा बीआईटी मेसरा के कुलसचिव डॉ. राजेश जैन ने साक्षी के रूप में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संस्थान पटना के निदेशक डॉ. धीरेश कुमार मलिक, प्रबंधन विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. अभिनव कुमार शांडिल्य तथा संस्थान पटना की सहायक कुलसचिव श्रीमती तृषा कुमार भी उपस्थित थीं। नवीनीकृत समझौता ज्ञापन संस्थान मेसरा और बिहार सरकार के बीच तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने हेतु लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और मजबूत करता है। यह समझौता बीआईटी पटना को बीआईटी मेसरा के आॅफ-कैंपस केंद्र के रूप में निरंतर बनाए रखने को सुनिश्चित करता है तथा बिहार के विद्यार्थियों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समझौते में बिहार के विद्यार्थियों के लिए आरक्षण संबंधी प्रावधानों को भी बनाए रखा गया है। साथ ही यह शैक्षणिक विकास, आधारभूत संरचना विस्तार तथा उच्च तकनीकी शिक्षा में संस्थागत सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा। संस्थान मेसरा के माननीय कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि इस नवीनीकृत सहयोग के माध्यम से बीआईटी पटना की निरंतरता, संस्थान मेसरा और बिहार सरकार की राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा की पहुँच को सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता को दशार्ती है। वर्षों से संस्थान पटना ने विद्यार्थियों को अपने गृह राज्य के निकट रहकर उच्च स्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रमों में अध्ययन करने का अवसर प्रदान किया है, जबकि वे संस्थान मेसरा की शैक्षणिक गुणवत्ता और अकादमिक वातावरण से भी जुड़े रहे हैं। वर्ष 2030 की ओर बढ़ते हुए हमारा ध्यान आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, शिक्षण वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के समग्र विकास को समर्थन देने तथा बिहार की बढ़ती कुशल मानव संसाधन आवश्यकताओं में योगदान देने पर केंद्रित रहेगा।

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