​फर्जी ग्राम सभा के कागजात पर मेसरा में भारी बवाल,पाइपलाइन का काम रोका

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By Mustaffa

75 गांवों और ट्रिपल आईटी-सेंट्रल यूनिवर्सिटी समेत कई बड़े संस्थानों की जलापूर्ति का मामला: पुलिस से तीखी झड़प,मुख्यमंत्री व डीसी से शिकायत

मेसरा (​रांची): पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पश्चिमी द्वारा बीआईटी मेसरा कैंपस में बिछाई जा रही पाइपलाइन परियोजना को लेकर ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मेसरा पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम सभा के सदस्यों ने फर्जी कागजात के आधार पर काम शुरू करने का आरोप लगाते हुए कार्य को पूरी तरह ठप करा दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची बीआईटी थाना पुलिस और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस हुई। ​विभाग द्वारा दुबलिया गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है,जिसके तहत गेतलसूद डैम से बीआईटी मेसरा कैंपस होते हुए पाइपलाइन बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारी ग्राम सभा के जिस अनुमोदन (Approval) की प्रति दिखा रहे हैं,वह पूरी तरह जाली है। ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने को लेकर क्षेत्र में कभी कोई ग्राम सभा आयोजित ही नहीं की गई। इस गंभीर मामले को लेकर रूदिया के ग्राम प्रधान करमु मुंडा ने मुख्यमंत्री,जनजातीय कल्याण आयुक्त,उपायुक्त (रांची),वन सचिव और वन संरक्षक को आधिकारिक शिकायती आवेदन भेजा है। आवेदन में फर्जी दस्तावेज तैयार कर आदिवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ​यह विभाग की एक बेहद महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना है,जिसके माध्यम से ​कांके,नगड़ी,रातु और नामकुम प्रखंड के 75 गांवों में पेयजल की आपूर्ति होनी है। बीआईटी मेसरा,आईटीडीपी,रांची विश्वविद्यालय,ट्रिपल आईटी (IIIT), सेंट्रल यूनिवर्सिटी,झारखंड जगुआर और सीएसओ कॉलोनी (संगा) को भी पेयजल सप्लाई किया जाना है। इस कार्य में वन विभाग की जमीन भी शामिल है। ग्राम प्रधान करमु मुंडा (रूदिया) ने कहा ​बिना ग्राम सभा काम बर्दाश्त नहीं,पाइपलाइन रूदिया मौजा के वन क्षेत्र से गुजर रही है। अधिकारियों ने बिना किसी ग्राम सभा के मनमाने तरीके से फर्जी कागज तैयार कर काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों को भरोसे में लिए बिना काम आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं,कनीय अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल) जाहेंद्र भगत के अनुसार,वन विभाग की भूमि पर कार्य करने के लिए विभाग को नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त हुआ है। एनओसी मिलने के बाद ही वन क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम नियमानुकूल शुरू किया गया है। विरोध प्रदर्शन और काम रुकवाने वालों में मुख्य रूप से रूदिया ग्राम प्रधान करमु मुंडा,मेसरा पूर्वी मुखिया कुशल मुंडा,कालेश्वर महतो,मेसरा वन अध्यक्ष रविंद्र महतो और रूदिया वन अध्यक्ष रोशन मुंडा शामिल थे। इसके अलावा बाबूलाल महतो,शिवलाल महतो,झाबूलाल महतो,प्रीतम सांड़ लोहारा,संतोष महली,विजय केशरी,नरेश मुंडा,हर्ष उपाध्याय,कमलेश मुंडा,रोशन नायक,राहुल बाल्मीकि,चंचल महतो,नागेंद्र महतो,फुलेश्वर बैठा,मालती देवी और दिनेश महतो सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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