प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक में चुनाव आयोग का आर्थिक अपराधों के खिलाफ प्रभावी समन्वय पर जोर

NATIONAL

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन में चुनाव खुफिया विभाग की बहु-विभागीय समिति (एमडीसीईआई) की बैठक आयोजित कर विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों को आगामी चुनावों के दौरान सक्रिय और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग ‘शून्य-सहिष्णुता’ की नीति पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों और चुनावों में धनबल के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए सभी प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान और आपसी सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रलोभन-मुक्त और पारदर्शी चुनाव : आयोग ने राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर एजेंसियों के बीच बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय पर ज़ोर देते हुए निर्देश दिया कि तस्करी, नशीले पदार्थों, शराब, नकदी और नकली मुद्रा के अवैध परिवहन पर रोक के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का मानचित्रण किया जाए। बैठक में सीबीडीटी, सीबीआईसी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), आर्थिक खुफिया ब्यूरो (सीईआईबी), वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-आईएनडी), भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), भारतीय बैंक संघ (आईबीए), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सीआईएसएफ, एसएसबी, एएआई, बीसीएएस और डाक विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए। बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी बैठक में ऑनलाइन जुड़े। सभी एजेंसियों ने आयोग को अपनी तैयारियों और प्रस्तावित कदमों की जानकारी दी, जिससे चुनावों में नकदी और अन्य प्रलोभनों के प्रभाव को समाप्त किया जा सके। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रलोभन-मुक्त और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित और प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

Spread the love