Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : फीफा विश्व कप 2026 क्वालिफायर में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आयरलैंड ने दिग्गज टीम पुर्तगाल को 2-0 से मात देकर सभी को चौंका दिया। मैच के दौरान पुर्तगाल के स्टार कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो को एक खतरनाक फाउल के चलते रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे उनकी टीम के लिए हालात और मुश्किल हो गए। आयरलैंड की जीत के नायक रहे ट्रॉय पैरट, जिन्होंने पहले हाफ में दो शानदार गोल दागे। 17वें मिनट में लियाम स्केल्स के कॉर्नर पर बनाए गए आक्रमण से पैरट ने हेडर के जरिए पहला गोल किया। इसके बाद हाफ टाइम से ठीक पहले, पैरट ने बाएं छोर से अंदर कट करते हुए दूसरा गोल दागकर बढ़त को 2-0 कर दिया। पुर्तगाल की टीम दूसरे हाफ में वापसी के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी मैच के 60वें मिनट में रोनाल्डो ने अपनी झुंझलाहट में डारा ओ’शे के पीठ पर कोहनी मार दी। वीएआर समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधा रेड कार्ड दिखाया। 40 वर्षीय रोनाल्डो इससे पहले अक्टूबर में आयरलैंड के खिलाफ पेनल्टी भी चूक चुके थे। हार के बावजूद पुर्तगाल ग्रुप एफ में 10 अंकों के साथ शीर्ष पर है। हंगरी 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर और आयरलैंड 7 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। रविवार को होने वाला अंतिम ग्रुप मैच यह तय करेगा कि पुर्तगाल सीधे विश्व कप टिकट पाता है या नहीं। यदि रोनाल्डो पर लंबा प्रतिबंध लगता है, तो वह विश्व कप की शुरुआत से बाहर भी हो सकते हैं। 2002 के बाद पहली बार विश्व कप में पहुंचने की उम्मीद लिए खेल रही आयरलैंड की टीम ने घरेलू मैदान पर बेहद अनुशासित खेल दिखाया। कोच हेइमिर हालग्रिम्सन के नेतृत्व में टीम ने पुर्तगाल के शुरुआती दबाव को झेला और काउंटर-अटैक पर शानदार प्रदर्शन किया।
फ्रांस ने यूक्रेन को 4-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के लिए किया क्वालीफाई : फ्रांस ने किलियन एमबाप्पे के दो गोल और माइकल ओलीसे व ह्यूगो एकिटिके के एक-एक गोल की बदौलत गुरुवार को यूक्रेन को 4-0 से हराते हुए फीफा विश्व कप 2026 के लिए जगह पक्की कर ली। यह मुकाबला 2015 के पेरिस हमलों के पीड़ितों को समर्पित था। पार्क दे प्रिंसेस में खेले गए मुकाबले में कप्तान एमबाप्पे ने दूसरे हाफ की शुरुआत में पेनल्टी से पहला गोल दागा। ओलीसे ने 76वें मिनट में बढ़त दोगुनी की। इसके बाद एमबाप्पे ने एक और गोल किया, जबकि एकिटिके ने अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल दागते हुए टीम की जीत को पक्का कर दिया। किक-ऑफ से पहले 41,000 दर्शकों ने 2015 में पेरिस और उसके आसपास हुए आतंकी हमलों की 10वीं बरसी पर एक मिनट का मौन रखा। इन हमलों में 130 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से अधिकांश बाटाकलां कॉन्सर्ट हॉल में मारे गए थे। एक व्यक्ति की मौत स्टेड दे फ्रांस के पास भी हुई थी, जहां आत्मघाती हमलावरों ने प्रेवेश की कोशिश की थी। फ्रांस के कोच डिडिएर डेशैंप्स, जो उस समय भी टीम के प्रभारी थे, ने पहले ही साफ कर दिया है कि 2026 विश्व कप उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा। एक मैच बाकी रहते हुए फ्रांस ने यूरोपीय क्वालिफाइंग ग्रुप डी में आइसलैंड और यूक्रेन पर छह अंकों की अजेय बढ़त बना ली है। फ्रांस 2018 का विश्व चैंपियन और 2022 का उपविजेता है तथा 1994 में चूकने के बाद हर विश्व कप में क्वालीफाई करता आया है। वहीं यूक्रेन और आइसलैंड अब रविवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्ले-ऑफ में जगह के लिए ‘शूट-आउट’ मुकाबला खेलेंगे। पहले हाफ में ब्रैडली बारकोला ने शानदार प्रयास किया, जिसे क्रॉसबार पर टिप कर गोलकीपर ने बचा लिया। दूसरे हाफ में ओलीसे को पेनल्टी क्षेत्र में फाउल किया गया और एमबाप्पे ने मौके को गोल में बदल दिया। इसके बाद मध्य में शिफ्ट होने के बाद ओलीसे का खेल और निखरकर सामने आया। उन्होंने पहले एकिटिके को पोस्ट मारने का मौका दिलाया और फिर खुद घूमकर टीम के लिए दूसरा गोल दागा। इसके बाद यूक्रेन की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई। 83वें मिनट में एमबाप्पे ने नजदीक से गोल कर अपना अंतरराष्ट्रीय गोलों का आंकड़ा 55 तक पहुंचा दिया। अब वह फ्रांस के सर्वकालिक शीर्ष गोलदाताओं की सूची में ओलिवियर गिरू (57) से सिर्फ दो गोल पीछे हैं। लिवरपूल के एकिटिके ने अंतिम क्षणों में शानदार मूव को गोल में बदलकर फ्रांस की जीत 4-0 से पक्की कर दी।
