नई दिल्ली।शीतकालीन सत्र के दौरान आज राज्यसभा में अनुपूरक प्रश्न के माध्यम से झारखंड में प्राथमिक कृषि साख समितियों (ढअउर) को मजबूत किए जाने हेतु किए जा रहे कार्यों तथा राज्य में किसानों एवं नए उद्यमियों के लिए अनुकूल सहकारी इकोसिस्टम के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने उठाया।डॉ. वर्मा ने केंद्र सरकार से यह जानना चाहा कि झारखंड में पैक्स के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने तथा किसानों और युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि राज्य में कृषि, रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। इस प्रश्न के उत्तर में माननीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोळ जी ने सदन को अवगत कराया कि केंद्र सरकार झारखंड सहित पूरे देश में पैक्स को बहुउद्देशीय, तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों और नए उद्यमियों के लिए लक्षित सहकारी समितियों के गठन, प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वित्तीय सहयोग एवं नीति-स्तरीय सुधारों के माध्यम से एक मजबूत सहकारी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई नीतियों, तकनीकों और नवाचारों से सशक्त कर रही है। ह्लसहकार से समृद्धिह्व के मूल मंत्र को धरातल पर उतारने का यह प्रयास किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से झारखंड में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी तथा राज्य के किसान, युवा और उद्यमी आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे, जिससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी!
