विधानसभा का बजट सत्र : झारखंड में अंगदान आयोग बनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री

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Eksandeshlive Desk

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर हो रही चर्चा पर सरकार की ओर पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान आयोग बनाएगी। उन्‍होंने कहा कि महज 10 महीने की बच्ची ने पूरे शरीर का अंगदान किया। उन्होंने कहा कि मासूम बच्‍ची किसी घटना में ब्रेन डेड हो गयी गई थी और उसके माता-पिता ने अपनी बेटी के शरीर को देश को समर्पित कर दिया। बच्ची का नाम था आलम जेली अब्राहम है और उसके माता-पिता का नाम है सरीन आन जॉन और अनिल अब्राहम है। बच्ची के माता-पिता ने साहस दिखाया और बच्ची का अंगदान किया। उन्होंने कहा कि राज्‍य के आम लोगों के जीवन बचाने के लिए सरकार आम लोगों के जीवन बचाने पर काम करेगी ताकि अंगदान को प्रोत्साहन मिले और जिनके कोई अंग खराब हो गए हैं वह नई जिंदगी जी सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण पर कोई संशोधन नहीं लाया गया जो राज्य के 25 साल के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि लोग सरकार की उपलब्धियों को मानने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन में रखा, ये सारी बातें आम लोगों के समक्ष हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कई कार्यों को देश के दूसरे राज्य अपना रहे हैं। झारखंड पहले दूसरे राज्यों की कॉपी करता था। यह छोटी बात नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी गठबंधन की सरकार है, जबकि डबल इंजन की सरकार का हाल भी लोगों ने देखा है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वह दिन आयेगा जब डबल इंजन की सरकारें धाराशायी होंगी। कई चुनौतियों के बावजूद, संविधान को, परंपराओं को हमने मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यदि नियत साफ हो और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संशाधनों में भी कई काम करती है। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना भी विपक्ष के वश की बात नहीं है। हेमंत ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड 2050 तक अग्रणी राज्य बनेगा। हमारी सरकार गांव से चलने वाली सरकार है। गांव मजबूत होगा तभी शहर राज्य मजबूत होगा, जबकि विपक्ष उल्टा गंगा बहाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में जो बातें कही गई हैं वहीं बातें वे भी सदन में बाेलने वाले थे, लेकिन विपक्ष सुनने को तैयार नहीं है। विपक्ष में सुनने और साथ देने की मंशा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के कार्यों से घबराई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के वैश्विक मंच पर झारखंड के विकास का परिणाम दिखने लगेगा, तो कुछ लोगों को कहीं हार्ट अटैक न आ जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खुद से और राज्य की सवा तीन करोड़ जनता से वायदा किया है कि हर व्यक्ति को साथ लेकर चलेंगे और देश के सबसे पिछड़े राज्य झारखंड को अग्रणी राज्य की पंक्ति में लाकर खडा करेंगे। यह बहुत बड़ी चुनौत है। हेमंत ने कहा कि हमारा केंद्र के साथ जो संबंध है, वह खुले तौर पर है। उस पर चर्चा की जरुरत नहीं है। इसके बाद विधानसभा अध्‍यक्ष ने सदन की कार्यवाही शनिवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी।

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