पश्चिम एशिया सैन्य संघर्ष : ड्रोन हमले के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बंद, काठमांडू से सभी उड़ानें रद्द

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच, दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बंद होने के बाद काठमांडू से दुबई की ओर उड़ान भरने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। नेपाल की सभी एयरलाइन ने यात्रियों से हवाईअड्डा न आने और अपनी टिकट संबंधी व्यवस्था एयरलाइंस की वेबसाइट के माध्यम से करने का अनुरोध किया है। अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद 28 फरवरी से दुबई हवाईअड्डा छह दिनों तक बंद रहा था। इस दौरान भी काठमांडू से दुबई सहित सभी खाड़ी देशों की उड़ाने स्थगित कर दी थी। युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं। विशेष रूप से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी कूटनीतिक मिशनों और सैन्य अड्डों के साथ-साथ तेल अवसंरचना, बंदरगाहों, हवाईअड्डों, होटलों तथा आवासीय और कार्यालय भवनों को भी निशाना बनाया जा रहा है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास सोमवार को हुए ड्रोन हमले के कारण एक ईंधन टैंक में आग लग गई। इसके बाद यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाईअड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। दुबई से सोमवार को काठमांडू के लिए फ्लाई दुबई, नेपाल एयरलाइंस और हिमालय एयरलाइंस की उड़ानें निर्धारित थीं। इसके साथ ही काठमांडू से दुबई की ओर उड़ान भरने वाले फ्लाई दुबई, एमिरेट्स, हिमालय एयरलाइंस और नेपाल एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें स्थगित कर दी हैं।

गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को तुरंत पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की मांग

भैरहवा, बुटवल और लुंबिनी के व्यापारियों ने भैरहवा स्थित गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को तत्काल पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की मांग उठाई है। इस हवाईअड्डे का निर्माण पूरा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं किया जा सका है। पर्यटन क्षेत्र में लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने से निवेश जोखिम में पड़ने की स्थिति बन रही है। पर्यटन व्यवसायी अमित गुप्ता ने कहा कि निवेशकों की चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लुम्बिनी, देवदह, रामग्राम, तिलौराकोट और रोहिणी नदी के आसपास के क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और बौद्ध सभ्यता से जुड़े महत्वपूर्ण पर्यटन गंतव्य हैं। इन क्षेत्रों के विकास में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के संचालन से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद की गई थी, लेकिन पर्यटन प्रवर्द्धन के लिए प्रभावी पहल न होने के कारण इस क्षेत्र का पर्यटन अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सका है। सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष नेत्र प्रसाद आचार्य ने कहा कि अब बनने वाली नई सरकार से निजी क्षेत्र को पर्यटन प्रवर्द्धन और हवाईअड्डे के संचालन में प्रभावी भूमिका निभाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बौद्ध सभ्यता, इतिहास और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यदि गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पूर्ण रूप से संचालन में आता है तो न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समग्र आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा परिवर्तन आएगा। नेपाल भन्सार एजेंट संघ भैरहवा के अध्यक्ष मधु प्रसाद पन्थी ने कहा कि रूपन्देही नेपाल का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां उत्पादित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और अनुकूल वातावरण तैयार करने पर नई सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भैरहवा औद्योगिक कॉरिडोर में उत्पादित वस्तुओं का निर्यात बढ़ाया जा सके तो उद्योग क्षेत्र और अधिक सशक्त बन सकता है।उनके अनुसार यदि हवाईअड्डे का संचालन और सीमा नाकों का प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार में भी मदद मिलेगी। निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का मानना है कि स्थिर सरकार बनने के बाद निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने, पर्यटन प्रवर्द्धन, उद्योग विस्तार और आधारभूत संरचना विकास में सरकार ठोस पहल करेगी। उनका विश्वास है कि गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के नियमित संचालन से लुम्बिनी क्षेत्र में पर्यटन विकास के साथ-साथ रूपन्देही के उद्योग-व्यापार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

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