Eksandeshlive Desk
चेन्नई : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यपाल संवैधानिक परंपराओं की अनदेखी करते हुए केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को तमिलनाडु के विभिन्न जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। पार्टी का कहना है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके को सरकार बनाने से रोकने के लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार संविधान विरोधी तरीके से कार्य कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यपाल केंद्र सरकार की “कठपुतली” की तरह व्यवहार कर रहे हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि राज्यपाल तुरंत टीवीके अध्यक्ष विजय को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करें।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। इसके बाद विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण अब तक राज्यपाल की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया गया है। टीवीके नेताओं का रहना है कि विजय ने राज्यपाल से दो बार व्यक्तिगत मुलाकात भी की, लेकिन उन्हें अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इस मुद्दे पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) तथा वामपंथी दलों सहित कई राजनीतिक दलों ने भी राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच टीवीके के साथ हाल ही में गठबंधन करने वाली कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया। चेन्नई के अन्ना सालै में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुंथगई ने किया। प्रदर्शन में तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरीश सोलंकी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी टीवीके को तुरंत सरकार बनाने का अवसर दें।
