News & edit by Sunil
रांची: कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा द्वारा विधानसभा सत्र में सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के नीजि स्कूल द्वारा शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 13 (1),(2) का उल्लंघन कर री-एडमिशन एवं अन्य शुल्क लेने और एनसीईआरटी की किताबें के बजाए नीजि प्रकाशकों की किताबे खरीदने और चिन्हित दुकानदारों से स्कूल ड्रेस व अन्य सामग्री की खरीदारी करने का निर्देश देने का मामले उठाने पर झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने विधायक का आभार जताते हुए बताया कि नीजि स्कूलों की मनमानी और तानाशाही के चलते अभिभावक हतास एवं निराश है वो बच्चों के नामांकन नही होने के डर से बोल भी नही पाते जिसका फायदा लगातार नीजि विद्यालयों द्वारा उठाया जा रहा है।
नीजि विद्यालयों के मनमानी पर रोक एवं कार्रवाई हेतु वर्ष 2015 एवं 2018 में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के निर्देश पर सभी जिला के उपायुक्तों (रांची सहित) ने जिला के शिक्षा अधिक्षक व अन्य जिला अधिकारियों का कमिटी गठ़न कर नीजि स्कूलों के प्रार्चाय व प्रबंधक के साथ बैठकर री-एडमिशन, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क लेने पर रोक लगाया था साथ ही स्कूल परिसर से या खास दुकानदार से किताब, ड्रेस, स्टेशनरी आदि खरीदने के लिए बाध्य नही करने का निर्देश दिया गया था साथ ही किसी भी प्रकार के शुल्क वृद्धि से पहले स्कूल प्रबंधन अभिभावक एवं शिक्षक के साथ बैठक कर निर्णय लेने का निर्देश और हर वर्ष नीजि स्कूल द्वारा ऑडिट रिपोर्ट जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करने का जैसे दिया गया है लेकिन वर्तमान में इसका अनुपालन नीजि स्कूलों द्वारा नही किया जा रहा है जो सरकार एवं शिक्षा विभाग के निर्देश का खुला उल्लंघन है।सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं सक्षारत विभाग और जिलों के डीसी से मांग करता है कि नीजि स्कूली मनमानी, री-एडमिशन पर रोक हेतू स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए और अनुपालन नही करने वालों की मान्यता रद्द किया जाए।
