पश्चिम एशिया में शांति का संकेत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप गुरुवार को ईरान युद्ध के संबंध में राष्ट्र को करेंगे संबोधित

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Eksandeshlive Desk

वाशिंगटन/कुवैत सिटी : व्हाइट हाउस ने बुधवार को घोषणा की है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को राष्ट्र को संबोधित करेंगे। वह ईरान के संबंध में देश को महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच व्हाइट हाउस की इस घोषणा से यह साफ है कि ट्रंप कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार सुबह एक्स पोस्ट पर लिखा, ”देखना न भूलें। कल रात 9 बजे (पूर्वी समय ‘ईटी’) राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे।” कैरोलिन की पोस्ट ऐसे समय पर आई है जब ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बात चल रही है। हालांकि ईरान ने इससे इनकार किया है। उसने यह जरूर माना है कि मध्यस्थों के जरिये दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान प्रदान हुआ है। इस बीच, कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार को बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया। इससे फ्यूल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका और ईरान शांति पथ पर, ट्रंप को तीन हफ्ते में युद्ध खत्म होने की उम्मीद : अमेरिकी-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से चल रहे युद्ध की लपटों से तेल और गैस को लेकर मचे हाहाकार के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे से राहत की कुछ उम्मीद जगी है। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की ईरान से युद्ध रोकने पर सीधी बात हो रही है। हालांकि ईरान ने ट्रंप के इस दावे से इनकार किया है। मगर कहा है कि मध्यस्थों के जरिये संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को दो या तीन सप्ताह में खत्म कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान बातचीत कर रहे हैं और यह मुमकिन है कि दोनों देश उससे पहले ही किसी समझौते पर पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए किसी औपचारिक समझौते की जरूरत नहीं है। ईरान ने इस बात से इनकार किया है कि कोई सीधी बातचीत हो रही है। लेकिन इस बात की पुष्टि की है कि देश ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान किया है। राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि गैस की बढ़ी कीमतें कब कम होंगी? ट्रंप ने कहा, “मुझे बस ईरान युद्ध से बाहर निकलना है और हम बहुत जल्द ऐसा करने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद अगर दूसरे देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते मिडिल ईस्ट से तेल या नेचुरल गैस आयात करने की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। होर्मुज में किसी के साथ कुछ भी होता है तो अमेरिका का उससे कोई लेना-देना नहीं होगा। रही बात चीन और फ्रांस जैसे दूसरे देशों की तो वह अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हैं। इस समय तेल टैंकरों ने होर्मुज से गुजरना लगभग बंद कर दिया है। पहले ट्रंप ने वहां से गुजरने वाले जहाजों को अमेरिकी सेना की सुरक्षा देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन हाल में उन्होंने रुख बदल लिया है। अब वह कह रहे हैं कि इस जलमार्ग को फिर से खोलने की जिम्मेदारी उन देशों की होनी चाहिए जो मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर हैं। यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका फारस की खाड़ी क्षेत्र से ज्यादा पेट्रोलियम आयात नहीं करता है और अपनी जरूरत से अधिक तेल खुद ही पैदा करता है, लेकिन होर्मुज में रुकावटों की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। ऐसे देशों में अमेरिका भी शामिल है। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करने से पहले अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “जाओ, अपना तेल खुद हासिल करो!”

ईरान ने की कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन की बौछार, फ्यूल स्टोरेज टैंकों में लगी भीषण आग : कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार को बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया। इससे फ्यूल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। गल्फ न्यूज के दुबई कार्यालय से साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार सिविल एविएशन अथॉरिटी के आधिकारिक प्रवक्ता अब्दुल्ला अल राजही ने कहा कि यह हमला ईरान और उसके समर्थक सशस्त्र समूहों ने किया। उन्होंने इसे हवाई अड्डे पर “खुला हमला” बताया। उन्होंने बताया कि ड्रोन ने कुवैत एविएशन फ्यूल कंपनी के फ्यूल टैंकों को निशाना बनाया। इससे उस जगह पर भीषण आग लग गई। हालात को नियंत्रण में करने के लिए तुरंत आपातकाल बलों को भेजा गया। शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि नुकसान सिर्फ सामान का हुआ है।

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