कटकमदाग/ हजारीबाग : थाना क्षेत्र के कूद निवासी दो नाबालिग की हत्या का आरोपी संजीत पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बच्चे आपस में भाई-बहन थे तथा पिछले एक सप्ताह पूर्व से लापता थे। मृतक का परिवार कटकमदाग के कूद में रहकर एवं खिलौने बेचकर अपना गुजर बसर कर रहा था। दोनों बच्चों के लापता होने के दो दिन तक परिजन थानों का चक्कर लगाते रहे तब जाकर पुलिस ने 30 मई को कटकमदाग थाना में मामला दर्ज किया गया। पूरा मामला जैसे ही समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया से फैला आम जनों में भारी आक्रोश दिखा तथा सैकड़ो की संख्या में लोगों ने हत्यारे की गिरफ्तारी को लेकर शहर के झंडा चौक को जाम कर दिया था। पुलिस के द्वारा पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियान डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। अनुसंधान के क्रम में 31 मई 2026 को कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंदूर स्थित श्मशान घाट में 11 वर्षीय अपृहत बच्ची का शव बरामद किया गया । पुलिस द्वारा घटनास्थल पर सर्च अभियान चलाया गया जिसमें कुछ ही दूरी पर एक कुआं से दूसरे अपहृत बच्चे का शव बरामद किया गया। दोनों शवों की पहचान पुलिस ने परिजनों से कराया तथा मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस के लिए यह मामला काफी चुनौती पूर्ण बनता जा रहा था फिर अनुसंधान के क्रम में शहर में लगे सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य से पुलिस को एक सुराग मिला जिसमें एक व्यक्ति जो ओला शोरूम के बाहर से स्कूटी पर बिठाकर दोनों बच्चों को लेकर जाते हुए देखा गया उक्त व्यक्ति का सत्यापन करने पर यह पता चला की अपहरण करने वाला ओला शोरूम में कार्य करता है जिसका नाम संजीत कुमार पासवान पिता राम अवतार पासवान है जो सिंदूर थाना कोर्रा हजारीबाग का निवासी है। एसआईटी संजीत पासवान की गिरफ्तारी को लेकर अलग-अलग जगह पर तथा उसके रहने के संभावित ठिकानों पर छापामारी की जिसमें बुधवार को अभियुक्त संजीत पासवान को जिला से भागने के क्रम में शहरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया की दोनों बच्चों को वह दो महीने पहले से ही जानता है क्योंकि दोनों बच्चे कुछ मांगने के लिए दुकानों में अक्सर जाया करते थे तथा ओला शोरूम में भी दोनों बच्चे आते थे। बच्चों के साथ आरोपी की अच्छी जान पहचान हो गई तथा कभी-कभी उन्हें खाने के लिए वह दस बीस रुपए भी देता था। 27 मई में को ओला शोरूम के बाहर दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी में बिठाकर यह कहते हुए ले गया की चलो तुम्हें मोबाइल दिला देंगे। बच्चों में एक लड़की जिसकी उम्र 11 वर्ष थी उसे लेकर वह सिंदूर स्थित शमशान घाट ले गया तथा सुनसान जगह एवं रात का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया पर हो हल्ला करने के बाद बच्ची को शमशान घाट के बहता हुआ पानी में डुबोकर तथा गला घोटकर मार दिया तथा पास के झाड़ी में उसको फेंक दिया। दूसरा अपहृत जो भाई था तथा जिसकी उम्र 3 वर्ष थी उसे भी गला घोट कर मार दिया तथा उसे प्लास्टिक के बोरे में डालकर कुछ दूरी पर मौजूद एक कुआं में फेंक दिया। गिरफ्तार किए गए संजीत पासवान की निशानदेही पर मामले में प्रयुक्त स्कूटी एवं प्लास्टिक का बोरा अभियुक्त के घर एवं सिंदूर स्थित श्मशान घाट से बरामद करते हुए एसआईटी की टीम ने मामले का उद्वेदन कर दिया है। छापामारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव अमित आनंद अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक ज्ञान रंजन पेलावल अंचल इंस्पेक्टर सपन महत्ता कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार चौधरी कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक पेलावल थाना प्रभारी बिट्टू रजक उरीमारी थाना प्रभारी रंतु उरांव सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार तथा कटकमदाग थाना सशस्त्र बल के जवान एवं तकनीकी शाखा के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
