By Sunil Verma
रांची। रिम्स के न्यू अकादमिक ब्लॉक के पांचवें तल्ले पर स्थित योग लैब का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को दीप प्रज्वलित कर किया गया। डॉ. पियूष ने प्रतिभागियों को योग व प्राणायाम का अभ्यास कराया और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य संवर्धन के लिए योग को प्रयोग में लाने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इस अवसर पर योग एवं प्राणायाम का थायरॉइड विकारों पर प्रभाव विषय पर एक बहुकेंद्रीय शोध अध्ययन का शुभारंभ किया गया। यह अध्ययन रिम्स के साथ-साथ झारखंड के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी संचालित किया जा रहा है। अध्ययन के अंतर्गत प्रतिभागी अगले दो माह तक नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करेंगे, जिसके पश्चात थायरॉइड ग्रंथि व उससे संबंधित स्वास्थ्य मानकों पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिम्स के निदेशक ने कहा कि योग केवल एक जीवनशैली नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य संवर्धन का प्रभावी माध्यम है। फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मैरी पुष्पा बाड़ा ने कहा कि इस प्रकार के शोध से थायरॉइड विकारों के प्रबंधन में योग की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य प्राप्त होंगे, जो भविष्य में रोगियों के समग्र उपचार में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
इस अवसर पर रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी.के. सिन्हा, डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मैरी पुष्पा बाड़ा, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संतोष कुमार, प्रो. इंचार्ज स्टूडेंट सेक्शन प्रो. डॉ. बेला रोज एक्का, सब डीन प्रो. डॉ. लखन माझी, डॉ. अनुपा प्रसाद, विभाग के संकाय सदस्य प्रो. डॉ. मणिभूषण कुमार सिन्हा, डॉ. शिशिर, अध्ययन के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. पियूष, साइट डॉ. राजेंद्र कुमार व स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
