वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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MUKESH KUMAR

लातेहार/रांची: झारखंड के लातेहार जिले के गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसाड वन क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने रांची स्थित राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वन पदाधिकारी तरुण कुमार सिंह को हटाकर स्थानीय स्तर पर नए रेंजर की नियुक्ति की जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि तरुण कुमार सिंह को करीब 300 किलोमीटर दूर चाईबासा के आनंदपुर से बारेसाड वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और समन्वय संभव नहीं हो पा रहा है। यह इलाका हाथियों और अन्य वन्य जीवों से प्रभावित है, जहां किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है। ऐसे में दूरस्थ पदस्थापन से स्थानीय समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में जब वे इसी क्षेत्र में कार्यरत थे, तब उनका कार्य संतोषजनक नहीं रहा। रोजगार के अवसर सीमित थे और अधिकांश कार्य मशीनों के माध्यम से कराए जाते थे, जिससे स्थानीय लोगों को काम नहीं मिल पाता था। इसके अलावा बिचौलियों की भूमिका भी प्रमुख रही और कई ग्रामीणों पर कथित रूप से फर्जी मामले दर्ज किए गए, जिनमें विशेष रूप से आदिवासी और आदिम जनजाति समुदाय के लोग प्रभावित हुए हैं। बताया गया कि 19 मार्च को हजारों ग्रामीणों ने बारेसाड वन क्षेत्र कार्यालय का घेराव किया था और डीएफओ से वार्ता भी हुई थी, जिसमें आश्वासन दिया गया था। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी नाराजगी के चलते 20 अप्रैल को राजभवन का घेराव किया गया और 21 अप्रैल को औपचारिक रूप से ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामीणों ने अपनी मांगों में स्थानीय रेंजर की नियुक्ति, टेकर गार्डन की शीघ्र बहाली, फर्जी मामलों की वापसी तथा वन विभाग में स्थानीय आदिवासियों को प्राथमिकता देने की बात रखी है। इस दौरान बारेसाड, लाटू, कुजरूम, मगरा, रामशैली, मायापुर, पहाड़कोचा, दौना और दुरूप सहित कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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