जम्मू से श्रीनगर तक चली 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

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Eksandeshlive Desk

जम्मू : जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू और ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर गुरुवार को सीधी रेल सेवा से जुड़ गईं। इसी के साथ श्रीनगर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की क्षमता ढाई गुनी की गई है जिससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय आबादी को आसानी से टिकट सुलभ होगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकीमंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जम्मू रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बीस कोच वाली 26401 जम्मू – श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वैष्णव और सिंह ने बाद में इसी ट्रेन से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक यात्रा की और वहां से सड़क मार्ग से अंजी खड्ड रेलवे पुल और चिनाब पुल के निरीक्षण के लिए गए। ट्रेन में यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में रेलमंत्री ने कहा कि इस रेलवे लाइन से कश्मीर घाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को साल भर निर्बाध आवागमन की सुविधा मिली है। इससे कश्मीर घाटी के किसानों एवं व्यापारियों को अपना माल बाहर भेजने और आमदनी बढ़ाने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में रेल लाइनों का विस्तार किया जाएगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सेब के बागानों और स्थानीय प्राकृतिक स्वरूप को कोई भी नुकसान नहीं हो। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यात्रियों एवं रेल संपत्ति की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

अश्विनी वैष्णव ने जम्मू-कश्मीर रेल नेटवर्क के भविष्योन्मुखी विस्तार की रूपरेखा पेश की : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर रेल नेटवर्क के भविष्योन्मुखी विस्तार की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें उच्च तकनीक वाले सिग्नलिंग, उड़ी और पुंछ तक सीमावर्ती कस्बों तक विस्तार और क्षेत्र के प्रतिष्ठित सेब के बागों के संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। जम्मू से कटरा तक विस्तारित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए वैष्णव ने कहा कि यात्रियों की भारी मांग के कारण जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई है। शुरुआत में कटरा से 8 कोच वाली ट्रेन के साथ संचालित होने वाली यह सेवा जम्मू स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के उन्नयन और लगातार पूर्ण क्षमता के कारण अब विस्तारित हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक क्षमता वाली ट्रेन शुरू की गई है। उन्होंने आगे कहा कि अब तक लगभग 55 लाख यात्री 8 डिब्बों वाली वंदे भारत सेवा में यात्रा कर चुके हैं, जो जनता के भारी उत्साह को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे यह नया रेल संपर्क स्थानीय स्वादों को बढ़ावा देकर और आवश्यक वस्तुओं और ताजे उत्पादों के परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव लाकर क्षेत्र को बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू से यात्रा के दौरान यात्रियों को स्थानीय व्यंजनों से परिचित कराने के लिए डोगरी भोजन परोसा जाता है। इसी तरह कश्मीर से रवाना होने वाली ट्रेन में कश्मीरी भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इस रेलवे लाइन से माल परिवहन में एक बड़ा बदलाव आया है, जिससे ऑटोमोबाइल, दोपहिया वाहन, सीमेंट, स्टील, नमक और अन्य सामानों की आवाजाही बेहद आसान हो गई है। विशेष रूप से श्रीनगर घाटी से देश के बाकी हिस्सों तक लगभग 2 करोड़ किलोग्राम सेब का परिवहन किया जा चुका है। चेरी और सूखे मेवों जैसी अन्य उपज को भी इस परिवहन संपर्क से लाभ हुआ है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर रेल नेटवर्क के भविष्योन्मुखी विस्तार की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें उच्च तकनीक वाले सिग्नलिंग, उड़ी और पुंछ तक सीमावर्ती कस्बों तक विस्तार और क्षेत्र के प्रतिष्ठित सेब के बागों के संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा किआगे बढ़ते हुए विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से जम्मू-श्रीनगर रेलवे लाइन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वचालित सिग्नलिंग लागू करना शामिल है, जिससे एक ही खंड में एक से अधिक ट्रेनें चल सकेंगी। उन्होंने कहा कि हम बारामूला से उड़ी तक रेलवे लाइन के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे वहां के निवासियों को काफी लाभ होगा। यह कार्य अत्यंत सावधानी से किया जाएगा, ताकि सेब के बागों और क्षेत्र की सदियों पुरानी प्राकृतिक सुंदरता को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके अतिरिक्त पुंछ और राजौरी को जोड़ने की एक परियोजना चल रही है जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) वर्तमान में तैयार की जा रही है। कश्मीर रेलवे के एसएसपी वसीम कादरी ने कहा कि कोचों की संख्या 8 से बढ़कर 20 हो गई है। इसमें 2 ईसी (कार्यकारी चेयर कार) और 18 सीसी (एसी चेयर कार) बोगियां हैं। उन्होंने कहा कि हमने पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। जम्मू तक पूरे ट्रैक पर सीसीटीवी निगरानी है, 3000 सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं, ड्रोन निगरानी जारी है, पूरे ट्रैक पर हर 2 किलोमीटर पर निगरानी टावरों पर सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, स्टेशनों पर सुरक्षा बल तैनात हैं।

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