बिना स्वीकृति मुख्यालय छोड़ने और देर से उपस्थिति पर उपायुक्त ने अपनाया कड़ा रुख

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अजय राज
प्रतापपुर(चतरा):
चतरा जिला प्रशासन ने कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी के कार्यालय (गोपनीय शाखा) से 2 मई 2026 को जारी इन आदेशों में आकस्मिक अवकाश और समय पर उपस्थिति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आदेश में साफतौर पर कहा गया हसी की बिना स्वीकृति मुख्यालय छोड़ना अब नहीं चलेगा।
प्रशासन ने पाया है कि कई पदाधिकारी केवल आकस्मिक अवकाश का आवेदन भेजकर—चाहे वह कार्यालय में जमा कराएं या ई-मेल से—बिना स्वीकृति प्राप्त किए ही मुख्यालय छोड़ दे रहे हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि आकस्मिक अवकाश की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा तथा स्वीकृति के बाद ही मुख्यालय छोड़ना सुनिश्चित करना होगा। इस नियम का उल्लंघन विभागीय प्रावधानों के खिलाफ माना जाएगा।

समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश

दूसरे आदेश में कार्यालयों में देर से आने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई गई है। उपायुक्त ने कहा कि यह कार्य संस्कृति के विपरीत है और इससे कार्यालय संचालन प्रभावित होता है। इसको लेकर सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं समय पर उपस्थित रहें एवं अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों व कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।

“अत्यावश्यक” मानकर करें अनुपालन

दोनों आदेशों में प्रशासन ने साफ किया है कि इन निर्देशों को अत्यावश्यक मानते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
मालूम हो कि राज्य सरकार के साफ निर्देश के बावजूद प्रतापपुर प्रखंड सहित जिले अन्य प्रखंड से लेकर जिला कार्यालयों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को धत्ता बताते हुए अधिकारी सहित उनके अधीनस्थ कर्मचारी व कर्मी लापरवाही बरतते आ रहे हैं जिसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी। लोगों का आरोप है कि अन्य दिनों को तो छोड़िए ऑफिस डे (मंगलवार एवं शुक्रवार) को भी कर्मी और अधिकारी कार्यालयों से नदारद पाए जाते है जिस वजह से आम ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए नव पदस्थापित उपायुक्त रवि आनंद ने आदेश निर्गत कर उसका कड़ाई से अनुपालन का निर्देश दिया है। संकेत साफ है कि चतरा जिला प्रशासन अब अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। बिना अनुमति छुट्टी और देर से उपस्थिति पर अब सख्ती तय मानी जा रही है।

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