By Mustaffa
मेसरा (रांची): जब किसी घर का इकलौता चिराग बुझ जाए और गरीबी चौखट पर खड़ी हो,तो दर्द दोगुना हो जाता है। ओरमांझी के सूरज मुंडा के निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का जो पहाड़ टूटा,उसे थामने के लिए विशाल युवा मंच के सदस्य फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। महज 24 साल की उम्र में सूरज मुंडा दुनिया को अलविदा कह गए। 6 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। सूरज मजदूरी कर अपने बूढ़े माता-पिता का पेट भरता था। उसकी मौत न केवल एक भावनात्मक क्षति थी,बल्कि परिवार के सामने दाने-दाने का संकट भी खड़ा हो गया था। जैसे ही इस गरीब परिवार की बदहाली की खबर विशाल युवा मंच तक पहुँची,सदस्यों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कदम उठाए। गुरुवार को मंच के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के घर पहुँचे और न केवल ढांढस बंधाया,बल्कि ठोस मदद भी की। परिवार को अनाज,तेल,मसाले और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। अंतिम संस्कार और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए मंच की ओर से नकद वित्तीय सहायता दी गई। युवाओं ने पीड़ित माता-पिता को भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। मंच के सदस्य सह पूर्व प्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू ने कहा,समाज सेवा सिर्फ भाषणों में नहीं,बल्कि धरातल पर उतरकर किसी की आँखों के आँसू पोंछने में है। सूरज का जाना दुखद है,लेकिन हम उनके परिवार को लावारिस नहीं छोड़ सकते। युवाओं की इस निस्वार्थ सेवा की पूरे ओरमांझी क्षेत्र में चर्चा हो रही है। मौके पर अजय सिंह,श्याम किशोर महतो और भीम मुंडा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में युवाओं की ऐसी एकजुटता और सेवा भाव समाज के लिए एक प्रेरणा है। शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा होने वालों में शंकर गुप्ता,योगेंद्र मुंडा,नितेश साहू (छोटू),नरेश महतो,पारस मुंडा,कृतिकांत साहू,सुरन सिंह और तरुण महतो मुख्य रूप से शामिल थे।
