कुपोषण को तोडना है तो किशोरियों पर ध्यान केन्द्रित करना होगा : प्रकाश झा

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By Sunil

रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एकजुट और पिरामल स्वास्थ्य के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में जनजातीय किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के लिए राज्यस्तरीय सशक्त कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि कुपोषण, कम उम्र में विवाह और खराब स्वास्थ्य चक्र को हमेशा के लिए तोड़ना है, तो हमें सबसे पहले किशोरियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्हाेंने कहा कि जब आईसीडीएस योजना आई थी, तब मुख्य ध्यान नवजातों और माताओं पर था ताकि शिशु मृत्यु दर को घटाया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज में लड़कियां बहुत जिम्मेदार और अनुशासित हैं। यदि दो बच्चों में से एक लड़के और एक लड़की को समान अवसर दिए जाएं, तो लड़कियां हर क्षेत्र और परीक्षाओं के परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, क्योंकि वे अपनी माताओं को कठिन परिश्रम करते हुए देखती हैं और खुद जिम्मेदारी उठाने के लिए सक्रिय हो जाती हैं।उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं चलाना पर्याप्त नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम लाना जरूरी है। किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर निवेश बेहद जरूरी है, जो राज्य के विकास की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि सशक्त कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग, क्लिनिकल सेवाएं और कम्युनिटी आधारित पीयर एजुकेटर मॉडल को गांव स्तर तक लागू किया जाएगा।कार्यक्रम चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है, जिसमें तकनीकी सहायता, सामुदायिक सहभागिता, किशोरियों में नेतृत्व विकास तथा डिजिटल निगरानी प्रणाली शामिल है। प्रथम चरण में यह कार्यक्रम पाकुड़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी और गुमला जिले में संचालित किया जाएगा।इस अवसर पर आरकेएसके के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. विजय किशोर रजक, एनयूएचएम के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ मुकेश मिश्रा, डॉ पुष्पा, डॉ कमलेश, डॉ राहुल किशोर सिंह सहित विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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