गोविंदपुर के ग्रामीण आज भी डाड़ी का पानी पिने को है मजबूर

360° Ek Sandesh Live


नामकुम: नामकुम प्रखण्ड के लाल खटगा पंचायत के सुदूरवर्ती जंगल में गोविंदपुर गांव है जिसमें आदिवासी मुंडा जनजाति के लोग रहते हैं। गांव में एक चापाकल जो डेढ़ महीने से खराब है कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कहने के बावजूद भी वह चापाकल बन नहीं पाया है। खराब होने कारण ग्रामीणों के
पानी पीने के लिए काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विगत 2 साल पूर्व भी गांव में डीप बोरिंग और जलमिनर का काम शुरू हुआ लेकिन जलमिनार का काम अधूरा रह गया। गांव में न टंकी लगी और ना ही मशीन लगा और ना ही लोगों को पानी मिल पाया और आज स्थिति यह है कि भीषण गर्मी में जंगल के बीच लोग डाढ़ी चूंवा का पानी पीने के लिए मजबूर है । इसकी सूचना मिलते ही भाजपा नेत्री आरती कुजूर और अंजली लकड़ा ने गांव पहुंच कर स्थानीय और जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त गांव में अविलंब शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो,खराब चापाकल का निर्माण किया जाए और जल मीनार जो आधे अधूरे हैं उसकी जांच करते हुए काम करने वाली एजेंसी पर कार्रवाई किया जाए और जलमिनर का काम पूरा कराया जाए ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके। इस मौके पर ग्राम प्रधान मादी मुंडा,सोमरा मुंडा,गणराज मुंडा,पार्वती देवी, सिनी कुमारी,गांगी देवी, प्रियंका कुमारी, वासुदेव मुंडा, सुनीता कुमारी, अनीमा कुमारी, पेलका मुंडा, मैठो मुंडा, बारजो मुंडा,क्षेत्र के टीचर भुनेश्वर महतो उपस्थित थे।

Spread the love