Reporting by Bhaskar
विष्णुगढ़/हजारीबाग : एक ओर सरकार गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर विष्णुगढ़ प्रखंड के बेड़ा हरियारा पंचायत स्थित प्रजापति टोला के लोग पिछले दो वर्षों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। पीएचडी विभाग द्वारा लगाया गया जलमीनार लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी में ग्रामीणों की जिंदगी प्यास और परेशानियों के बीच गुजर रही है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। जलमीनार बंद रहने से ग्रामीणों को दूर-दराज के चापाकलों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सुबह होते ही पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई लोगों को सिर पर पानी ढोकर घर तक पहुंचाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। कई घरों में पीने तक के पानी का संकट गहरा गया है, जबकि लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार गांव के बीचों-बीच बंद पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार पीएचडी विभाग और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता और लापरवाही के कारण सरकारी योजना बेकार साबित हो रही है और आम जनता मूलभूत सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्रामीणों में प्रशासन और विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलमीनार चालू कर पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर बंद पड़े जलमीनार की मरम्मत कराने एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत मिल सके और उन्हें पानी के लिए भटकना न पड़े।
