राज्यसभा में महागठबंधन मजबूत, एक सीट पर कांग्रेस का दावा स्वाभाविक:ऋषीकेश सिंह

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रांची : झारखंड में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम और जोड़-तोड़ की राजनीति एक बार फिर विफल होने वाली है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। विधानसभा का गणित पूरी तरह महागठबंधन के पक्ष में है। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जबकि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। ऐसे में दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत पूरी तरह तय और स्पष्ट है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन धर्म के तहत एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा दूसरी सीट कांग्रेस पार्टी को मिलना स्वाभाविक और न्यायसंगत है। झामुमो के बाद कांग्रेस गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है तथा सरकार और संगठन दोनों स्तर पर कांग्रेस की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। इसलिए कांग्रेस का एक सीट पर स्वाभाविक और मजबूत दावा बनता है। हालांकि अंतिम निर्णय झामुमो और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सामूहिक सहमति से लिया जाएगा।ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले कई वर्षों से लगातार जमीन पर संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रही है। लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस ने गठबंधन को मजबूती देने का काम किया है। राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और युवाओं के बीच कांग्रेस का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा अपना उम्मीदवार देना पूरी तरह जायज और राजनीतिक रूप से उचित है। कांग्रेस पार्टी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी तथा उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय केंद्रीय आलाकमान द्वारा लिया जाएगा।ऋषीकेश सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती, बल्कि हमेशा से जोड़-तोड़, हॉर्स ट्रेडिंग और जनादेश को कमजोर करने की राजनीति करती रही है। विधानसभा चुनाव में झारखंड की जनता भाजपा को आईना दिखा चुकी है, लेकिन आदतन भाजपा फिर से विधायकों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करेगी। हालांकि इस बार भी भाजपा के सारे अरमान और ख्याली पुलाव धूल चाटते नजर आएंगे।ऋषीकेश सिंह ने कहा कि राज्यसभा चुनाव कोई मीडिया मैनेजमेंट या साजिश का खेल नहीं, बल्कि संख्या बल और राजनीतिक विश्वसनीयता का चुनाव होता है। महागठबंधन पूरी तरह मजबूत और संगठित है। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि झारखंड की राजनीति अब जनादेश और विकास की राजनीति से चलेगी, न कि दिल्ली से संचालित ऑपरेशन और हॉर्स ट्रेडिंग से।कांग्रेस पार्टी गठबंधन का एक मजबूत और जिम्मेदार घटक है तथा राज्य के हित, स्थिरता और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महागठबंधन दोनों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा।

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