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मेसरा /रांची: रांची-पटना हाईवे मार्ग पर ईरबा के समीप उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से असहनीय दुर्गंध उठने लगी। शुरुआत में आम मालवाहक समझे जा रहे इस वाहन ने देखते ही देखते पूरे इलाके को संदेहास्पद बना दिया। आखिरकार ग्रामीणों की सजगता रंग लाई और पुलिस ने तिरपाल से ढंके एक ट्रक (संख्या-बीडब्लू 33 डी 6448) से भारी मात्रा में पशुओं का चमड़ा बरामद किया है। पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले चालक और उपचालक (खलासी) मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिससे मामला बेहद संदिग्ध माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार को उक्त ट्रक खाना खाने के बहाने ईरबा के पास खड़ा किया गया था। काफी देर तक जब गाड़ी वहीं खड़ी रही और उससे तेज बदबू आने लगी तो आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया। समय बीतने के साथ दुर्गंध इतनी असहनीय हो गई कि लोगों का वहां ठहरना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने इसकी तत्परता से सूचना ओरमांझी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही ओरमांझी पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब ट्रक को चारों तरफ से घेरकर उसकी तलाशी ली और ऊपर ढंकी तिरपाल को हटाया, तो भीतर का नजारा देख अधिकारी भी चौंक गए। ट्रक के अंदर भारी मात्रा में पशुओं का चमड़ा लदा हुआ था, जिसे अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चमड़े से लदे वाहन को जब्त कर लिया और उसे थाने ले आई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद किया गया चमड़ा किस जानवर का है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। साक्ष्यों को पुख्ता करने के लिए चमड़े के नमूने को फॉरेंसिक लैब (एफएसएल) भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि यह किस पशु की खाल है और इस तस्करी के पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है। चालक और खलासी के अचानक फरार होने से पुलिस को अंदेशा है कि यह किसी बड़े अंतर्राज्यीय पशु तस्करी या अवैध चमड़ा कारोबार से जुड़ा मामला हो सकता है। पुलिस अब गाड़ी के नंबर के जरिए वाहन मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रही है। साथ ही, ईरबा और हाईवे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि आरोपी किस दिशा में भागे हैं और यह ट्रक कहां से आ रहा था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की सघन तफ्तीश कर रही है।
