Eksandeshlive Desk
नीस (फ्रांस) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा के तहत शनिवार को फ्रांस के नीस शहर पहुंचे हैं। इस यात्रा को भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और नवाचार सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उनकी यह यात्रा केवल नीस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें एवियां और पेरिस में भी विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों के माध्यम से भारत अपने प्रमुख विकास साझेदारों के साथ मित्रता और सहयोग को और मजबूत करेगा।फ्रांस पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट और होटल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद प्रवासी भारतीयों से मिले स्नेह से अभिभूत प्रधानमंत्री ने कहा कि मातृभूमि से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद भारतीय समुदाय का देश के साथ भावनात्मक जुड़ाव हमेशा मजबूत बना रहता है। प्रधानमंत्री मोदी 14 जून को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों के विभिन्न आयामों की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे। इसी दौरान दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप तथा वेंचर कैपिटल संस्थान भाग लेंगे। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह पहल दोनों देशों के बीच उभरते तकनीकी और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगी। फ्रांस प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 16-17 जून को एवियां में आयोजित जी-7 सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। भारत की भागीदारी को वैश्विक दक्षिण की मजबूत आवाज और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद 18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन विवा-टेक में शामिल होंगे। इस वर्ष सम्मेलन में भारत का मंडप सबसे बड़ा होगा, जो वैश्विक नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित करेगा।
सर्बिया के राष्ट्रपति की शुभकामनाओं पर प्रधानमंत्री ने जताया आभार
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक द्वारा भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर दी गई बधाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सर्बिया के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को अत्यंत महत्व देता है और दोनों देशों के बीच सहयोग एवं साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति वुसिक की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति की हालिया भारत यात्रा तथा दोनों नेताओं के बीच हुई सार्थक और सकारात्मक चर्चाएं अच्छी तरह याद हैं। उन्होंने कहा कि भारत और सर्बिया के संबंध आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग की मजबूत नींव पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत आने वाले वर्षों में सर्बिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी लोकतांत्रिक देश में इतने लंबे समय तक सर्वोच्च पद पर बने रहना जनता के गहरे विश्वास, नेतृत्व क्षमता और जनसमर्थन का प्रतीक है। राष्ट्रपति वुसिक ने प्रधानमंत्री मोदी को दूरदर्शी और अनुभवी राजनेता बताते हुए कहा कि उनकी आवाज आज वैश्विक मंच पर सम्मान के साथ सुनी जाती है। उन्होंने भारत की निरंतर प्रगति और विकास के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता की कामना भी की। वुसिक ने दोनों नेताओं की हालिया मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बैठक आपसी सम्मान, विश्वास और समझ की भावना से परिपूर्ण थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आधुनिक वैश्विक चुनौतियों और राष्ट्रीय हितों की गहरी समझ रखने वाला प्रभावशाली नेता बताया तथा विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारत विश्व स्तर पर अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।
आयुष्मान भारत और जन औषधि योजना से करोड़ों लोगों को मिला लाभ : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और उपचार को अधिक किफायती बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में कहा कि आयुष्मान भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम बन चुका है। यह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक राहत मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत देशभर में सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आम नागरिकों, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के चिकित्सा खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हृदय रोगियों के लिए उपयोग होने वाले स्टेंट तथा घुटना प्रत्यारोपण (नी इम्प्लांट) की कीमतों को भी नियंत्रित कर उपचार को अधिक किफायती बनाया है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में मरीजों को मिला है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नए मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना के साथ-साथ मेडिकल सीटों की संख्या में लगातार वृद्धि की गई है। इससे चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं और भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अधिक प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उपचार सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि एक समग्र और सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण की दिशा में अब तक किए गए प्रयास आने वाले वर्षों में और अधिक प्रभावी परिणाम देंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी, ताकि देश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
