श्रद्धा और तपस्या का महापर्व ‘मंडा’ झूलन के साथ संपन्न, अंगारों पर चले भोक्ता

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By Mustaffa

​ओरमांझी (रांची)। ओरमांझी प्रखंड के उलातू गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में शिव मंडा पूजा समिति द्वारा आयोजित पारंपरिक मंडा पूजा शुक्रवार को झूलन अनुष्ठान के साथ संपन्न हो गई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में पूरे क्षेत्र से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी,जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया। इससे पूर्व गुरुवार की रात भोक्ताओं और सोखताइनों ने दहकते अंगारों पर चलकर फूलखूंदी की कठिन धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मंडा पूजा भगवान शिव की असीम कृपा और कठिन तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा,छऊ नृत्य जैसे पारंपरिक आयोजन ही इस पूजा की असली पवित्रता हैं। धार्मिक आयोजनों में आर्केस्ट्रा जैसी प्रवृत्तियां हमारी मूल परंपरा को दूषित करती हैं,इनसे बचना चाहिए। पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि मंडा पूजा शिव-शक्ति और अटूट आस्था का जीवंत स्वरूप है। यह पर्व हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति जागरूक रहने का संदेश देता है। वहीं,विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व प्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू ने अपनी बात रखते हुए कहा,मंडा पूजा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि हमारे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आपसी एकता का आधार है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस कठिन तपस्या को सुरक्षित रखना हम सबका दायित्व है। मंडा पूजा के अवसर पर रात्रि में सिल्ली-सोनाहातू से आए लोक कलाकारों ने मनमोहक छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी,जिसने रातभर श्रद्धालुओं को बांधे रखा। ​इस अवसर पर मुख्य रूप से बीडीओ कामेश्वर बेदिया,मानकी राजेंद्र साही,आयोजन समिति के संरक्षक अमरनाथ चौधरी,अध्यक्ष अजय मुंडा,सचिव शुभम कुमार यादव,कोषाध्यक्ष महेंद्र मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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