इमाम हुसैन की कुर्बानी पूरी इंसानियत के लिए पैगाम: हाजी हेयात अंसारी

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By Mustaffa


​मेसरा (राँची): मोहर्रम के मुकद्दस और इस्लामिक कैलेंडर के ऐतिहासिक महीने की शुरुआत के अवसर पर बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चुट्टू निवासी,प्रख्यात समाजसेवी सह चुट्टू अंजुमन कमिटी के सचिव हाजी हेयात अंसारी ने सर्व समाज के नाम शांति, सौहार्द और भाईचारे का पैगाम जारी किया है। उन्होंने इस पावन अवसर पर क्षेत्रवासियों से अपनी साझी संस्कृति को सहेजने,आपसी एकजुटता और गंगा-जमुनी तहजीब को और अधिक मजबूत करने की पुरजोर अपील की है। ​हाजी हेयात ने अपने संदेश में मोहर्रम के ऐतिहासिक और रूहानी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना हमें हजरत इमाम हुसैन और उनके जांबाज साथियों द्वारा कर्बला के मैदान में दी गई महान और अद्वितीय कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम केवल एक तारीख नहीं,बल्कि जुल्म और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने,सच्चाई पर मजबूती से डटे रहने और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने का जीवंत प्रतीक है। इमाम हुसैन का संदेश और उनकी सीख किसी एक मजहब या वर्ग के लिए नहीं,बल्कि पूरी इंसानियत के कल्याण के लिए है। ​ग्राम चुट्टू सहित पूरे क्षेत्र के सर्व समाज से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर्व को पूरी अकीदत (श्रद्धा),सादगी और शांति के साथ मनाएं। हाजी हेयात ने विशेषकर युवा वर्ग से अपील करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान हर हाल में अनुशासन बनाए रखें। किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और क्षेत्र में अमन-चैन व कानून व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग करें। समाजसेवी हाजी हेयात अंसारी ने कहा,हमारा क्षेत्र हमेशा से आपसी कौमी एकता की मिसाल रहा है। आइए,हम सब मिलकर इस मोहर्रम पर समाज में मोहब्बत,अमन और भाईचारे का माहौल बनाने का संकल्प लें। हमारा इतिहास आपस में मिलकर रहने का रहा है। हमें समाज से नफरत को मिटाकर मोहब्बत को बढ़ावा देना चाहिए,क्योंकि मानव सेवा ही सर्वोपरि है।

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