By Bhaskar
इचाक मोड़ फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू करने का एनएचआई ने दिया सांसद को आश्वासन
हजारीबाग : स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ सांसद सेवा कार्यालय, हजारीबाग सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। दो दिन पूर्व बरही विधानसभा क्षेत्र के तूफानी दौरे के क्रम में एनएचएआई से संबंधित कई मामले पर स्थानीय लोगों ने सांसद मनीष जायसवाल से मिलकर अपनी बात रखी थी। सांसद ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जल्द ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता करके हल निकालेंगे। बैठक में क्षेत्र के कई लंबे समय से लंबित और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर बेहद सकारात्मक प्रगति हुई है। बैठक में मुख्य रूप से चंदवारा प्रखंड के मदनगुंडी पंचायत के ग्रामीण लंबे समय से भारी वाहनों और रेलवे साइडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे। चार प्रमुख मांगों में से तीन मांगों जिसमें सर्विस रोड, नाली और स्ट्रीट लाइट/रंबल स्ट्रिप पर एनएचएआई अधिकारियों ने सहमति दे दी है। वहीं चौथे बिंदु पर उच्च स्तर से अनुमति मिलते ही निर्णय लेने की बात कही। एनएच परियोजना के तहत अधिग्रहित किए गए चौपारण के 47 गांवों में से 45 गांवों का भुगतान पहले ही हो चुका है। पिपरा और सिंघरावाँ गांवों में भुगतान को लेकर आ रही विसंगतियों पर सांसद ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रभावित ग्रामीणों को समान आधार पर मुआवजा मिले। अधिकारियों ने इस पर पुनर्मूल्यांकन कर उचित भुगतान का भरोसा दिया है। क्षेत्र की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने वाले चौपारण फ्लाईओवर का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। गया की तरफ से दूसरा लॉन्चर और साइड विंग का काम इसी जून महीने में शुरू हो जाएगा। लक्ष्य रखा गया है कि अगले वर्ष मार्च से जून के बीच इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए बन रहे फुट ओवरब्रिज को आगामी दुर्गा पूजा तक पूरा कर लिया जाएगा। सिंघानी मोड़ के फ्लाईओवर के नीचे क्षतिग्रस्त सड़क के मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, जिसे 30 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा फ्लाईओवर के ऊपर सतह दबने की तकनीकी समस्या के स्थायी समाधान के लिए आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम से तकनीकी राय ली जा रही है ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं का खतरा न रहे। इचाक मोड़ पर इस बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसका निर्माण कार्य भी बहुत जल्द धरातल पर शुरू होने जा रहा है।
