मधुकम खादगढ़ा जमीन विवाद में पीड़ित परिवारों से मिले हरिनाथ साहू

360°

रांची। राजधानी रांची के मधुकम स्थित सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दखल-दिहानी मामले में झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के बाद लोकहित अधिकार पार्टी के नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी तथा न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि लगभग छह माह पूर्व स्थानीय प्रशासन ने खतियानधारी महादेव उरांव के पक्ष में दखल-दिहानी की कार्रवाई करते हुए वर्षों से रह रहे कई परिवारों के मकान व दुकानों पर बुलडोजर चलाया था। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के उपरांत उच्च न्यायालय ने पीड़ित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए महादेव उरांव को प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। न्यायालय ने एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन पर भी टिप्पणी की तथा अपने आदेश में संबंधित तथ्यों पर स्पष्ट निर्देश दिए। लोकहित अधिकार पार्टी ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भी पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रही और न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाती रही। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने उस समय प्रभावित परिवारों को कानूनी लड़ाई लड़ने तथा उच्च न्यायालय में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया था। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव प्रमोद प्रसाद गुप्ता, वरिष्ठ नेता कपिल साहू, नंदकिशोर साहू, सरिता देवी, गायत्री देवी, अंशु कुमार, रवि कुमार, प्रदीप साहू सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी, स्थानीय सामाजिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर हरिनाथ साहू ने झारखंड उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला केवल मधुकम के पीड़ित परिवारों की जीत नहीं, बल्कि न्याय और कानून के शासन की भी जीत है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भविष्य में आदिवासी भूमि से जुड़े विवादों में कानूनसम्मत प्रक्रिया को मजबूती देगा तथा किसी भी प्रकार की एकपक्षीय कार्रवाई और अनावश्यक विवादों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में बिना विधिसम्मत प्रक्रिया के किसी भी परिवार के मकान या दुकान को ध्वस्त करने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

Spread the love