आशुतोष झा
काठमांडू। ज्येष्ठ वर्ण महाविहार, ललितपुर में 2025 यूनेस्को एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार के अंतर्गत इसे प्रदान किए गए अवार्ड आॅफ मेरिट के संबंध में एक हस्तांतरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर यूनेस्को नेपाल के प्रतिनिधि जैको डु टोइट ने ललितपुर महानगरपालिका के मेयर चिरी बाबु महर्जन व भारतीय राजदूतावास, काठमांडू के उप मिशन प्रमुख डॉ.राकेश पांडेय की उपस्थिति में ज्येष्ठ वर्ण महाविहार उपभोक्ता समिति को धातु पट्टिका व आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपे। इस कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय के सदस्य, इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के प्रतिनिधि, धरोहर संरक्षण विशेषज्ञ तथा नेपाल सरकार के अधिकारी उपस्थित थे। ज्येष्ठ वर्ण महाविहार के संरक्षण का कार्य नेपाल में सांस्कृतिक धरोहर क्षेत्र में भारत सरकार की भूकंप-पश्चात पुनर्निर्माण अनुदान सहायता के अंतर्गत 13.78 करोड़ नेपाली रुपये की लागत से किया गया। भारत सरकार ने पुनर्निर्माण प्रयासों के अंतर्गत भारत की इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज को परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने हेतु नियुक्त किया था। इस संस्था ने नेपाल सरकार की केंद्रीय स्तर परियोजना कार्यान्वयन इकाई व स्थानीय समुदाय के साथ निकट समन्वय में कार्य किया। इस परियोजना का उद्घाटन 22 मार्च 2024 को भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और नेपाल सरकार के तत्कालीन शहरी विकास मंत्री धन बहादुर बुढ़ा ने किया । इस संरक्षण परियोजना को समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में यूनेस्को की ओर से मान्यता दी गई है। इस परियोजना में आधुनिक भूकंपीय सुरक्षा रेट्रोफिटिंग और ऐतिहासिक नेवारी लकड़ी की नक्काशी तथा पारंपरिक वास्तुकला के संरक्षण के बीच सफल संतुलन स्थापित किया गया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया कि संरक्षण कार्य के दौरान नेवार बौद्ध समुदाय की जीवित विरासत, दैनिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराएँ बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहें।
