अमीत कुमार रंजन
सिमडेगा: जलडेगा प्रखंड अंतर्गत लम्बोई ओहदार टोली की रहने वाली पद्मावती कुमारी, चम्पा स्वयं सहायता समूह से 10 मार्च 2023 को जुड़ीं। समूह से जुड़ने से पहले वे अपने पति जयविंद नागेश्वर के साथ सीमित एवं छोटे स्तर पर पौधों की नर्सरी का कार्य करती थीं। पूंजी एवं संसाधनों की कमी के कारण उनका व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उन्हें समय-समय पर ऋण की सुविधा मिली, जिसका उन्होंने पूरी ईमानदारी और समझदारी से उपयोग किया। ऋण की राशि से उन्होंने नर्सरी का विस्तार किया, नए सजावटी एवं फलदार पौधों का उत्पादन बढ़ाया, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया, उर्वरकों की व्यवस्था की तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया।
उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह हुआ कि आज उनकी नर्सरी में विभिन्न प्रकार के सजावटी, फूलदार, फलदार एवं छायादार पौधे उपलब्ध हैं। उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन चुकी है।
अब पद्मावती कुमारी की मासिक आय लगभग 25000 से 30,000 रुपए तक पहुँच गई है। उन्होंने समूह से अलग अलग अंतराल पर प्राप्त लगभग 2.50 लाख रुपए की ऋण राशि का समय पर भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी और ईमानदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आज वे केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत नहीं बना रही हैं, बल्कि अपने गाँव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे समूह की बैठकों में नियमित रूप से भाग लेती हैं और अपने अनुभव साझा कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
इस प्रकार इनके प्रयास से इन्होंने नर्सरी व्यवसाय का सफल विस्तार। जिससे परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई। इन्होंने समय पर ऋण भुगतान कर विश्वसनीय सदस्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में पद्मावती कुमारी लखपति दीदी कहलाती है जो स्वयं में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। पद्मावती कुमारी की सफलता यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही समय पर वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
