रूस का यूक्रेन की क्रूज़ मिसाइलों समेत 500 से ज़्यादा टारगेट को मार गिराने का दावा

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यूक्रेन का रूस पर फिर बड़ा ड्रोन हमला, सेंट पीटर्सबर्ग में तेल रिफाइनरी और सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

Eksandeshlive Desk

मॉस्को/कीव : रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने यूक्रेन की ओर से किए गए बड़े पैमाने के लॉन्ग-रेंज ड्रोन और मिसाइल हमले को विफल कर दिया। मंत्रालय के अनुसार, रातभर चले अभियान के दौरान रूसी एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम ने 500 से अधिक हवाई लक्ष्यों को मार गिराया। यूक्रेन ने बीती रात रूस पर एक और बड़ा ड्रोन हमला किया। एक साथ सैकड़ों ड्रोन छोड़े। यूक्रेन ने सेंट पीटर्सबर्ग के पास तेल रिफाइनरी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने माना कि इस हमले में करीब 500 ड्रोन शामिल रहे। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने एक्स पर इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया। इसमें सेंट पीटर्सबर्ग के बंदरगाह पर मौजूद एक तेल सुविधा केंद्र से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी चैनल एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर तेल सुविधा केंद्र के साथ-साथ क्रोनस्टेड नौसैनिक अड्डे के आसपास सैन्य ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया है।

रूस की अंतरराष्ट्रीय सरकारी समाचार टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे (आरटी) के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि नष्ट किए गए लक्ष्यों में मुख्य रूप से लंबी दूरी के कामिकाज़े ड्रोन शामिल थे। इसके अलावा 10 एफपी-5 फ्लेमिंगो क्रूज़ मिसाइलों और अमेरिकी निर्मित हिमार्स प्रणाली से दागे गए कम-से-कम नौ हथियारों को भी हवा में ही नष्ट कर दिया गया। रूस ने इस हमले को यूक्रेन की “नाकाम कोशिश” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य इस सप्ताह की शुरुआत में रूस द्वारा किए गए बड़े हमलों और उत्तर-पश्चिमी डोनबास के प्रमुख शहर कॉन्स्टेंटिनोव्का पर रूसी नियंत्रण की खबरों से ध्यान हटाना था।रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कई सप्ताह तक चली भीषण लड़ाई के बाद शुक्रवार को कॉन्स्टेंटिनोव्का पर कब्ज़ा कर लिया गया। यह शहर स्लाव्यांस्क–क्रैमाटोर्स्क क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक रणनीतिक केंद्र माना जाता है। रूस का दावा है कि यह इलाका यूक्रेनी सेना के प्रमुख रक्षा गढ़ों में से एक था। मंत्रालय ने यह भी बताया कि गुरुवार रात रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए लंबी दूरी के हमलों का मुख्य निशाना राजधानी कीव था। इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन निर्माण संयंत्रों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली से जुड़ी इकाइयों, रक्षा उद्योग के लिए उपकरण बनाने वाली फैक्ट्रियों, एक बड़े ईंधन भंडार और गैस अवसंरचना को निशाना बनाया गया। रूस के अनुसार, जून महीने में उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की ओर आने वाले करीब 13,000 हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों के लिए इस्तेमाल किए गए हथियारों के निर्माण और संचालन में ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों के सैन्य विशेषज्ञों और यूक्रेन के अन्य पश्चिमी सहयोगियों की भूमिका रही। रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन की ओर से रूसी नागरिकों को निशाना बनाने की कोई और कोशिश की गई तो रूस की ओर से उचित और कड़ा जवाब दिया जाएगा।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में लगभग लंबी दूरी के 500 ड्रोन शामिल रहे। मॉस्को के मेयर ने कहा कि 200 ड्रोन ने रूस की राजधानी को निशाना बनाया। यूक्रेन अब रूस के अंदर तक तेल रिफाइनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ रक्षा उद्योग केंद्रों पर लगभग रोजाना सफलतापूर्वक हमले कर रहा है। हमलों में वह लंबी दूरी के ड्रोन का प्रयोग कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के हमलों के बाद रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है। लोग गैस स्टेशनों पर लंबी लाइनों में इंतजार करते हुए खुद के वीडियो बना रहे हैं। साथ ही, युद्ध के मैदान में रूस की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं। मध्यम दूरी के ड्रोन का इस्तेमाल करके यूक्रेन का तेजी से असरदार होता अभियान रूस के लॉजिस्टिक्स को निशाना बना रहा है और कब्जे वाले क्रीमिया में आपूर्ति लाइनों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। क्रीमिया में अधिकारियों ने ईंधन की कमी के कारण इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी है और यूक्रेनी हमलों के कारण बिजली कटौती के बीच कर्फ्यू लगा दिया है। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रात में वर्दी पहनकर एक सैन्य ठिकाने का दौरा किया। रूस की सेना ने शनिवार को दावा किया कि उसने यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र में एक अहम रक्षा केंद्र कोस्टियान्टिनिव्का शहर पर कब्जा कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह दावा सच है तो इसे रूस के लिए बड़ी सफलता कहा जा सकता है। यह इस साल मॉस्को की युद्ध के मैदान में पहली बड़ी सफलता होगी। पोलैंड के रक्षा विश्लेषक और रोचन कंसल्टिंग के निदेशक कॉनराड मुजिका के अनुसार, रूस बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है और हो सकता है कि मई में उसने जितना इलाका हासिल किया, उससे ज्यादा इलाका कुल मिलाकर गंवा दिया हो। स्वतंत्र समीक्षकों और पश्चिमी देशों की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, इस लड़ाई में रूसी सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

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