इस साल अमरनाथ तीर्थयात्रियों की रिकॉर्ड भीड़, बिना रजिस्ट्रेशन वाले भक्त करें अपनी बारी का इंतजार : उपराज्यपाल

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Eksandeshlive Desk

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि इस साल अमरनाथ यात्रियों की रिकॉर्ड भीड़ देखी गई है। उन्होंने बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले भक्तों से अपील की कि वे वार्षिक यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अपनी तय तारीखों का इंतज़ार करें। पहलगाम में पत्रकारों से बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि मैंने अमरनाथ यात्रा के पिछले चार संस्करणों को करीब से देखा है। इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बड़ी संख्या में लोग बिना पहले से रजिस्ट्रेशन कराए भी आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने पहले से कहीं बेहतर इंतज़ाम किए हैं। मैं सभी बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों से अपनी बारी का इंतज़ार करने का आग्रह करता हूं। स्वास्थ्य सेवा के इंतज़ामों पर ज़ोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि नुनवान बेस कैंप में पिछले दो वर्षों से 100 बिस्तरों वाला अस्पताल काम कर रहा है, जहां हर दिन लगभग 2,500 मरीज़ आते हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नुनवान बेस कैंप में अमरनाथ यात्रा के समग्र प्रबंधन की समीक्षा की, जिसमें तीर्थयात्रियों की आवाजाही, सुरक्षा, आवास, रजिस्ट्रेशन और अन्य लॉजिस्टिकल इंतज़ामों पर ध्यान केंद्रित किया गया। आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमरनाथ यात्रा के प्रबंधन की समीक्षा करने के लिए पहलगाम में नुनवान बेस कैंप का दौरा किया। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर भक्त को वैध रजिस्ट्रेशन तिथि के अनुसार यात्रा करने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि इंतज़ार का समय कम से कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड और यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग सभी श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और बिना किसी परेशानी वाली आध्यात्मिक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल रवाना, मुख्यमंत्री धामी ने दिखाई हरी झंडी

चम्पावत : उत्तराखंड से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार को टनकपुर से ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से 49 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी यात्रियों की सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही श्रद्धालुओं को इस पवित्र यात्रा का अवसर मिलता है तथा यात्रा के दौरान श्रद्धा और धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे स्थानीय पर्यटन, व्यापार, परिवहन और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया और पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे संवाद भी किया। शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार दल के चिकित्सक हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तथा गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा तीर्थयात्री हैं। यात्रियों ने राज्य सरकार की यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे अनिल कुमार जैन ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के बेहतर प्रबंध के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे पहले दल का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूरे टनकपुर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच आध्यात्मिक उत्साह का माहौल रहा।

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