ओरमांझी में जमीन विवाद को लेकर निहत्थी महिलाओं पर हुआ था जानलेवा हमला
MUSTFA
मेसरा (रांची): ओरमांझी थाना क्षेत्र के बारीडीह गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। रविवार को स्थानीय पंचायत सचिवालय सभागार में आयोजित ग्रामीणों की आपातकालीन महाबैठक में सर्वसम्मति से मुख्य आरोपी कलेश्वर महतो (पिता स्व. खोरी महतो) और उसके परिवार का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रतिष्ठित समाजसेवी सह पूर्व मुखिया मानकी राजेंद्र शाही ने की। जानकारी के अनुसार, विगत दिनों जमीन विवाद को लेकर आरोपी कलेश्वर महतो के परिवार द्वारा जगेश्वर महतो के पुत्र, पत्नी और बहू (पतोहू) पर जानलेवा हमला किया गया था। इस बर्बर घटना में पूरा परिवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। समाज की शांति भंग करने और निहत्थी महिलाओं पर हुए इस हिंसक हमले को लेकर पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश है।
पूर्व मुखिया मानकी राजेंद्र शाही ने कहा, गांव में इस तरह की हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी व सामाजिक कदम उठाने के लिए पांच सूत्रीय कड़ा फैसला लिया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब से पूरे गांव का आरोपी परिवार से किसी प्रकार का संबंध नहीं रहेगा। यदि गांव का कोई भी व्यक्ति परोक्ष या अपरोक्ष रूप से आरोपी को सहयोग देगा, तो उसे कठोर दंड दिया जाएगा। प्रबुद्ध ग्रामीणों ने स्थानीय ओरमांझी पुलिस पर सीधा आरोप लगाया कि वह पैसे के बल पर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है और अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके विरोध में जल्द ही भारी संख्या में ग्रामीण रांची जाकर एसपी और डीसी कार्यालय का महाघेराव करेंगे। आरोपी द्वारा सीधे-साधे किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए खेतों में पानी के प्राकृतिक बहाव को रोकने के उद्देश्य से जबरन मिट्टी भरवा दी गई है, जिससे धान की खेती प्रभावित हो रही है। फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर खेतों से जबरन डाली गई मिट्टी को अपने स्तर पर हटाने का संकल्प लिया। इस निर्णायक बैठक में मुख्य रूप से बारीडीह के ग्राम प्रधान मानकी जय नारायण सिंह, उपमुखिया बनवारी लाल साहु, वार्ड सदस्य भूषण कुमार महतो, सिकन्दर महतो, सोहराई महतो, कुलवंश कुमार, जगेश्वर महतो एवं तारकेश्वर महतो सहित भारी संख्या में प्रबुद्ध ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित थीं।
