पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से छह मौतें, एक लाख से अधिक लोगों की जांच,लापरवाही पर कार्रवाई शुरू

Health

Eksandeshlive Desk

पूर्वी सिंहभूम : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिले में अब तक 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है, जिनमें 1,895 संक्रमित मिले हैं। संक्रमण से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त राजीव रंजन ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि एक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निलंबित किया गया है, जबकि एक चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा कई अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 के बीच जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) तथा 7,981 स्लाइड जांच सहित कुल 1,04,459 लोगों की जांच की गई। इनमें 1,895 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए। संक्रमितों में 1,491 मरीज पी. फाल्सीपेरम, 353 पी. विवैक्स तथा 51 मिश्रित संक्रमण के मामले शामिल हैं। जिले की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई है।

उपायुक्त ने बताया कि अब तक हुई छह मौतों में चार मरीजों की मृत्यु सेरेब्रल मलेरिया तथा दो मरीजों की मृत्यु मिश्रित संक्रमण के कारण हुई है। सभी मामलों की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि उपचार प्रक्रिया में किसी प्रकार की चूक का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृत्यु की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। प्रशासन ने जवाबदेही तय करते हुए पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा सदर अस्पताल के एक चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उपायुक्त ने बताया कि सिविल सर्जन स्तर पर भी कई स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध शोकॉज नोटिस और निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि जिले में सबसे अधिक 24,657 लोगों की जांच पोटका प्रखंड में की गई, जहां 667 संक्रमित मिले। इसके बाद डुमरिया में 427, मुसाबनी में 344 और घाटशिला में 212 मरीज मिले हैं। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी, घर-घर जांच, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) तथा त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों के साथ कार्यशाला-सह-समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया गया कि बुखार के प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच सुनिश्चित करें, समय पर उपचार शुरू करें तथा सभी मामलों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।उपायुक्त राजीव रंजन ने लोगों से अपील की कि बुखार को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति तथा मृत्यु के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही लोगों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा स्वास्थ्य विभाग के सर्वेक्षण और आईआरएस अभियान में सहयोग करने की भी अपील की।

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