Eksandeshlive Desk
अटलांटा : लियोनेल मेसी के शानदार खेल और आखिरी मिनटों में किए गए दो असिस्ट की बदौलत अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार कौनइंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली। अब 19 जुलाई को होने वाले खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। इंग्लैंड ने मैच के 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचेगा, लेकिन अंतिम पांच मिनट में मेसी के जादू ने मुकाबले का रुख पलट दिया। मैच के 85वें मिनट में लियोनेल मेसी ने कॉर्नर से खेल की शुरुआत करते हुए गेंद वापस ली और मिडफील्ड में मौजूद एंजो फर्नांडेज़ को शानदार पास दिया। फर्नांडेज़ ने करीब 25 गज की दूरी से बेहतरीन कर्लिंग शॉट लगाकर गोल दागा और मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में मेसी ने एक सटीक क्रॉस बॉक्स में पहुंचाया, जहां लाउटारो मार्टिनेज़ ने दो डिफेंडरों के बीच से निकलकर शानदार हेडर के जरिए विजयी गोल कर अर्जेंटीना को 2-1 की यादगार जीत दिला दी। जीत के साथ अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाई है। अब टीम के पास ब्राज़ील (1958 और 1962) के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का सुनहरा मौका होगा। वहीं इंग्लैंड का 60 साल बाद विश्व कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया।लियोनेल मेसी इस मुकाबले में गोल नहीं कर सके, लेकिन उनके दो असिस्ट ने उन्हें गोल्डन बूट की दौड़ में बढ़त दिला दी। मेसी और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे दोनों के नाम इस विश्व कप में 8-8 गोल हैं, लेकिन मेसी के नाम अधिक असिस्ट होने के कारण वह फिलहाल शीर्ष पर पहुंच गए हैं। मेसी विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 21 गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। हालांकि उनकी नजर अब व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा अर्जेंटीना को एक और विश्व कप खिताब दिलाने पर है। अब अर्जेंटीना विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर है।
मेसी बोले-इंग्लैंड पर जीत हमारे प्रशंसकों के लिए सबसे खास थी : अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने कहा कि फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर मिली 2-1 की जीत उनकी टीम और प्रशंसकों के लिए बेहद खास थी। मैच के बाद मेसी ने कहा,”हालांकि यह सिर्फ एक मैच था, लेकिन हमने कुछ बेहद खास पल जीए। हमारे प्रशंसक इस जीत को किसी भी अन्य जीत से ज्यादा चाहते थे, क्योंकि सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना करने और एक बार फिर विश्व कप फाइनल में पहुंचने का अपना अलग ही महत्व है।” इंग्लैंड ने दूसरे हाफ की शुरुआत में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद मेसी ने पहले एंजो फर्नांडेज़ को बराबरी का गोल कराने वाला पास दिया और फिर इंजुरी टाइम में लाउटारो मार्टिनेज़ को विजयी गोल के लिए शानदार क्रॉस दिया। मेसी ने अपनी टीम की जुझारू मानसिकता की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा,”यह टीम कभी कोशिश करना नहीं छोड़ती। हम मैदान पर फुटबॉल खेलने और पूरे जज़्बे के साथ उतरे थे। हमने इंग्लैंड को उनके ही हिस्से में दबाकर रखा और यह दिखाया कि हम अतिरिक्त समय में गए बिना भी मैच जीत सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा,”कोई भी अर्जेंटीनी यह मैच हारना नहीं चाहता था। इस पूरे विश्व कप का सफर अविश्वसनीय रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ इस सेमीफाइनल का अपना अलग महत्व था। बाकी किसी भी संदर्भ से अलग, आज कोई भी हारना नहीं चाहता था, लेकिन आखिरकार हमने जीत हासिल की।” मैच के 81वें मिनट में मैदान पर उतरे लाउटारो मार्टिनेज़ ने इंजुरी टाइम में विजयी गोल दागकर अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचा दिया। मैच के बाद वह भावुक नजर आए। मार्टिनेज़ ने कहा,”इस समय बोलना बहुत मुश्किल है, लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं कि रोऊं नहीं, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में मैं बहुत रो चुका हूं। हमने जो हासिल किया है, वह अविश्वसनीय है। हम लगातार आगे बढ़ते रहे और यही हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।” उन्होंने आगे कहा,”यह जीत आसान नहीं थी। पहला हाफ हमारे लिए बहुत कठिन रहा। इंग्लैंड ने शानदार प्रेसिंग की। दूसरे हाफ में उन्होंने गोल किया और फिर पीछे हट गए। इसके बाद हमने धैर्य के साथ खेल पर नियंत्रण बनाया और गेंद अपने पास रखी।” मार्टिनेज़ ने कहा,”जब बराबरी का गोल हुआ और हमारे प्रशंसकों का समर्थन मिला तो सब कुछ आसान हो गया। फिर इंजुरी टाइम में दूसरा गोल आया और उसके बाद तो सिर्फ खुशी ही खुशी थी।” अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों में जैसे ही रक्षात्मक रुख अपनाया उनकी टीम ने उसी पल हमला बोलने का फैसला किया और शानदार वापसी करते हुए फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में 2-1 की जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली।स्कालोनी का मानना है कि यही फैसला अर्जेंटीना के लिए निर्णायक साबित हुआ। मैच के बाद स्कालोनी ने कहा, “यह टीम मुश्किल परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है। जैसे ही विपक्षी टीम थोड़ी हिचकिचाती है, हमें उसकी कमजोरी महसूस हो जाती है और हम पूरी ताकत से उस पर हमला कर देते हैं। इस मुकाबले के बाद मेरे मन में सबसे बड़ा एहसास यही है।”
फ़ॉकलैंड द्वीप वाला बैनर लहराने पर अर्जेंटीना पर फीफा कार्रवाई की आशंका : फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों द्वारा फ़ॉकलैंड द्वीप (माल्विनास) के समर्थन वाला बैनर लहराने पर अब टीम पर फीफा की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर “लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास” (फ़ॉकलैंड द्वीप अर्जेंटीना का हैं) लिखा बैनर लहराया और मैदान छोड़ने से पहले उसे वहीं छोड़ दिया। इससे पहले अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि इंग्लैंड के खिलाफ यह मुकाबला दोनों देशों के बीच फ़ॉकलैंड द्वीप विवाद से जोड़ा जाए। फुटबॉल के नियम बनाने वाली संस्था इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) और फीफा बड़े टूर्नामेंटों में राजनीतिक संदेश, नारे और प्रतीकों के प्रदर्शन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते रहे हैं।आईएफएबी के नियमों के अनुसार,”खिलाड़ियों के उपकरणों या कपड़ों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत नारा, संदेश या तस्वीर नहीं होनी चाहिए। यदि कोई खिलाड़ी ऐसा करता है तो संबंधित प्रतियोगिता के आयोजक, राष्ट्रीय फुटबॉल संघ या फीफा उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।” इसी नियम के तहत अर्जेंटीना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। फ़ॉकलैंड द्वीप को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। वर्ष 1982 में दोनों देशों के बीच 74 दिनों तक युद्ध हुआ था, जिसमें 655 अर्जेंटीनी सैनिक, 255 ब्रिटिश सैनिक और द्वीप के तीन नागरिकों की मौत हुई थी। अर्जेंटीना लगातार फ़ॉकलैंड द्वीप पर अपना दावा करता रहा है, जबकि यह द्वीप ब्रिटेन के नियंत्रण में है। यह ब्रिटेन से करीब 8,000 मील और अर्जेंटीना की मुख्य भूमि से लगभग 300 मील दूर स्थित है। यह पहला मौका नहीं है जब अर्जेंटीना की टीम ने ऐसा बैनर प्रदर्शित किया हो। वर्ष 2014 में स्लोवेनिया के खिलाफ एक मैत्री मैच से पहले भी खिलाड़ियों ने इसी तरह का बैनर लहराया था। उस समय फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर 20 हजार पाउंड का जुर्माना लगाया था। फिलहाल इस मामले में फीफा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना की समीक्षा की जा रही है।
अब स्पेन से होगी खिताबी भिड़ंत : अर्जेंटीना अब 19 जुलाई को होने वाले विश्व कप फाइनल में स्पेन से भिड़ेगा। मार्टिनेज़ ने कहा कि अब पूरी टीम का ध्यान खिताबी मुकाबले पर है। उन्होंने कहा,”स्पेन के पास शानदार खिलाड़ी हैं। अब हमें आराम करना होगा, अपनी ऊर्जा वापस हासिल करनी होगी और फाइनल की तैयारी पूरी ताकत के साथ करनी होगी। लेकिन साथ ही हमें इस उपलब्धि का आनंद भी लेना चाहिए, क्योंकि साढ़े तीन साल तक मौजूदा विश्व चैंपियन रहते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचना कोई छोटी बात नहीं है। इसलिए हम इस पल का पूरा आनंद लेंगे।” मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने “लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास” (फ़ॉकलैंड द्वीप अर्जेंटीना के हैं) लिखा बैनर भी लहराया, जिसने इस ऐतिहासिक मुकाबले को और भी भावनात्मक बना दिया।
