रांची/हजारीबाग। हजारीबाग के बहुचर्चित पौता ट्रिपल मर्डर मामले को लेकर पीड़ित परिजनों ने बुधवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से रांची स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। मंत्री ने परिजनों की पूरी बात गंभीरता से सुनी, उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया व सहयोग स्वरूप 1.50 लाख रुपये का चेक प्रदान कर सांत्वना दी। गौरतलब है कि बिते 23 अप्रैल को पौता निवासी वासिफा नाज, मंडई निवासी सानिया व सुल्ताना निवासी आदिल हसन की गुमशुदगी की रिपोर्ट मुफस्सिल थाना में परिजनों ने दर्ज कराई थी। व 27 अप्रैल को पौता के दन्दाहा नदी से तीनों के शव बरामद हुए थे जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इसको लेकर पिड़ित परिजनों ने मुफस्सिल थाना पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं व सीआईडी जांच की मांग रखी है। इस मामले को लेकर परिजनों ने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद व हजारीबाग आरक्षी अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है व आरक्षी अधीक्षक अमन कुमार को जल्द कार्रवाई का निर्देश दिया है। हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी गंभीरता के साथ परिजनों को आश्वस्त करते हुए जल्द न्याय दिलाने की बात कही है। आरक्षी अधीक्षक से परिजनों ने कई बार मुलाकात कर न्याय की गुहार लगा चुके हैं। परिजनों को लगातार सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है इसी को लेकर न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार के लोगों ने मंत्री इरफान अंसारी के आवास पर मुलाकात कर शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पौता की घटना अत्यंत दर्दनाक व हृदय विदारक है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वे स्वयं हजारीबाग जाकर पीड़ित परिवार से मिले थे व मृतकों के शव भी देखे थे। उसी समय उन्हें संदेह हुआ था कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को लगातार गुमराह किया गया। अंतत: पौता गांव के समीप जंगल स्थित एक नदी से तीनों शव बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि जिस स्थान से शव मिले, वहां पानी बहुत कम था व परिजन लगातार उसी क्षेत्र में खोजबीन करते रहे, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। बाद में उसी स्थान से शव बरामद होना कई सवाल खड़े करता है व इसकी निष्पक्ष व गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है व वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से स्वयं परिजनों के साथ मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री भी इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष, गहन व वैज्ञानिक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि मामले के खुलासे में कुछ समय लग रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय अवश्य मिलेगा व दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी। इस अवसर पर मंत्री से मिलने वालों में वासिद अली, मो. शमीम, मो. कमाल, मो. अख्तर, रांची हाईकोर्ट के अधिवक्ता शहादत अंसारी, नजमुन निशा, रूखसाना खातून, मुस्तरी खातून, गुलशन आरा, जैनब खातून, पम्मी सहित पीड़ित परिवार के कई सदस्य उपस्थित थे।
