मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने की राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग, हंगामे के चलते कार्यवाही रही प्रभावित

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मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने सांसदों से की सार्थक चर्चा की अपील

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के पहला दिन सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट एवं अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी बीच, लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने संबंधी ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया गया। वहीं राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान सम्मान देने से संबंधित विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सका।

संसद परिसर के बाहर भी विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और संसद भवन की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई। लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही अध्यक्ष ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी सहित छह पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर तीन बार थोड़े अंतराल के लिए स्थगित होेने के बाद तीन बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इसी दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। दूसरी ओर राज्यसभा में मानसून सत्र के पहले दिन नौ नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। इनमें गुजरात से मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से पवन खेड़ा, मध्य प्रदेश से महेश केवट, मेघालय से जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा, मिजोरम से खियांगते ललतलुआगकिमा, राजस्थान से सतीश पूनिया तथा पश्चिम बंगाल से प्रकाश चिक बराइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल हैं। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्यों बलबीर पुंज, स्वपन साधन बोस (टूटू बोस), रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के निधन पर शोक व्यक्त किया तथा कतर के पूर्व अमीर को भी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, नीट और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए इन विषयों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर 12:30 बजे, उसके बाद 12: 50, फिर दो बजे और फिर 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संसद संवाद और चर्चा का मंच है तथा पूरे दिन कोई विधायी कार्य नहीं हो सका। हालांकि हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मानसून सत्र से पूर्व सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में बढ़-कर कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तर्क और तथ्य मजबूत होने पर शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि संसद की जिम्मेदारी है कि चर्चा समृद्ध हो, हर आवाज को स्थान मिले और हर विचार को सम्मान मिले। प्रधानमंत्री ने मानसून सत्र की तुलना वर्षा ऋतु मानसून से की और कहा कि दोनों के सक्रिय होने पर उत्पादकता में वृद्धि आती है। इससे एक तरफ देश का और दूसरी तरफ जीव मात्र का कल्याण होता है। उन्होंने दोनों के सक्रियता की कामना की। उन्होंने कहा कि संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना और देश को आगे ले जाने का प्रयास समय की मांग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां हासिल की हैं जिसने देशवासियों को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धियां राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष के क्षेत्र में है। इसमें राजस्थान में तेल रिफाइनरी का उद्घाटन, तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट की लॉन्चिंग और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन शामिल है। प्रधानमंत्री ने एक युवा स्टार्टअप स्काई रूट की ओर से निजी रॉकेट अंतरिक्ष में लॉन्च किए जाने की उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्टार्टअप में काम करने वाले लोगों की औसतन आयु 28 वर्ष है। यह दर्शाता है कि भारत के युवाओं की क्षमता और आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धियां भारत को आत्मविश्वास से भरती हैं और विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य बनाती है। रिफॉर्म एक्सप्रेस के कारण ही युवा आज इतना बड़ा काम कर पा रहे हैं।”

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