संसद भवन की ओर बढ़ रहे युवाओं पर पुलिस ने आंसू के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, सीजेपी नेताओं ने की नड्डा से मुलाकात, तीन मांगें रखीं

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं ने सोमवार को केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। मुलाकात नड्डा के आवास पर हुई। मुलाकात और ज्ञापन सौंपते हुए की तस्वीर सार्वजनिक हुई हैं। इससे पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, “जे.पी. नड्डा के आवास पर। प्रधान को तुरंत बर्खास्त करो!”। एक अन्य ट्वीट में सौरभ दास ने कहा कि दो घंटे से अधिक प्रतीक्षा करने के बाद आशुतोष रांका और उन्होंने अभी-अभी जे.पी. नड्डा से उनके आवास पर दस मिनट के लिए मुलाकात की। हमने अपनी मांगों वाला एक लिखित पत्र सौंप दिया है, और उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस बीच आंतरिक रूप से बात करेंगे। हम इस प्रक्रिया में हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने तीन मांगें रखी हैं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक को छोड़े जाने और नीट परीक्षा के लीक होने के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। मानसून सत्र के पहले दिन सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर दिल्ली के जंतर-मंतर तथा संसद के आस-पास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए। भीड़ संसद भवन तक पहुंच गई। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें कई छात्रों के घायल होने और कुछ पुलिस व सुरक्षाकर्मियों को चोटें आई हैं। इसी बीच कई पार्टियों के सांसद भी यहां पहुंचे। सपा की सांसद डिपंल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज न कहा कि हम लोग यहां से तब तक नहीं हटेंगे जब तक छात्रों की मांगों को नहीं माना जाता है। संसद से लेकर बाराखंबा तक देशभर से एकजुट हुए छात्रों ने मोदी सरकार के खिलाफ और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जमकर नारेबाजी की।

पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे सीजेपी प्रदर्शनकारियों को बीच में ही रोका

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च के लिए जुटे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सोमवार को टकराव हो गया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई तथा कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने पानी पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च निकालना चाहते थे। पुलिस का कहना था कि मार्च की अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी गई। मौके पर पहले से दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ आगे बढ़ने पर अड़ी रही। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेला। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर संसद मार्ग की ओर बढ़ने लगे। कुछ लोग मंडी हाउस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए, जबकि कई प्रदर्शनकारी संसद थाना क्षेत्र तक पहुंचने के बाद हिरासत में लिए गए। पुलिस ने हालांकि गंभीर लाठीचार्ज या बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के दावों से इनकार किया है। इससे पहले सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा था कि यदि दो घंटे के भीतर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर नहीं लाया गया तो प्रदर्शनकारी संसद मार्च के लिए निकलेंगे। वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन है। बाद में दीपके ने पानी पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने आज (20 जुलाई) जंतर मंतर से संसद तक मार्च करने की घोषणा की थी। उन्होंने एक मिसकॉल नंबर जारी कर बड़े पैमाने पर छात्रों से मार्च में शामिल होने की भी अपील की। अपील के बाद आज भारी संख्या में छात्र यहां पहुंचकर अपना समर्थन दिया।

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