रांची। बीआईटी मेसरा के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) ने नेशनल एकेडमी आॅफ साइंसेज, इंडिया झारखंड चैप्टर के सहयोग से बीआईटी मेसरा में डेवलपिंग इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क फॉर क्वालिटी एश्योरेंस विषय पर एक दिवसीय सिम्पोजिÞयम का सफलतापूर्वक शनिवार को आयोजन किया। सिम्पोजिÞयम का मुख्य फोकस मान्यता, परिणाम-आधारित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनएएसी, सततता तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन पर रहा। उद्घाटन सत्र में बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिट्स पिलानी के वरिष्ठ प्रोफेसर व आईक्यूएसी समन्वयक प्रोफेसर एम. एस. दासगुप्ता ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। सिम्पोजिÞयम की अध्यक्षता बीआईटी मेसरा के आईक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर अनिमेष घोष ने की। तकनीकी सत्रों में प्रोफेसर एम. एस. दासगुप्ता, प्रोफेसर शिल्पा पाल, प्रोफेसर पारोमिता चक्रवर्ती तथा प्रोफेसर तपन कुमार बसंतिया ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। सिम्पोजिÞयम में लगभग 140 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिनमें बीआईटी मेसरा व इसके आॅफ-कैंपस, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, एनआईएएमटी, रांची विश्वविद्यालय, सरला बिरला विश्वविद्यालय, उषा मार्टिन विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के शिक्षाविद, आईक्यूएसी, एनएएसी व एनबीए समन्वयक, संकाय सदस्य, शोधकर्ता और प्रशासक शामिल थे। सिम्पोजिÞयम का संयोजन डॉ. आलोक जैन व डॉ. तनुश्री भट्टाचार्य ने किया।
