तनाव के बीच कूटनीति को प्राथमिकता, अमेरिका ने हमले रोके तो ईरान की जवाबी कार्रवाई भी थमी

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Eksandeshlive Desk

वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित वार्ता के लिए सैन्य कार्रवाई पर फिलहाल विराम लगाया है, ताकि बातचीत को आगे बढ़ाने का अवसर मिले। फॉक्स न्यूज से बातचीत में वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के लिए कुछ समय और अवसर देना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित वार्ता किस स्तर या किन मुद्दों पर हो रही है। इस बीच, सप्ताहांत के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में कमी देखने को मिली। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने लगातार कई दिनों तक चले हवाई हमलों के बाद बमबारी अभियान रोक दिया। वहीं, सप्ताहांत में ईरान की ओर से भी पड़ोसी देशों या क्षेत्र में अमेरिकी हितों पर किसी नए हमले की सूचना सामने नहीं आई। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति की पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीतिक समाधान रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह गंभीरता के साथ बातचीत के लिए आगे नहीं आता तो उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उधर, ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि उसने अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगातार दो रात तक कोई हमला नहीं होने के बाद ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र और अमेरिकी हितों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई स्थगित कर दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की रणनीति हमेशा जवाबी कार्रवाई की रही है और मौजूदा परिस्थितियों में उसने सैन्य प्रतिक्रिया रोकने का निर्णय लिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर में विस्फोट, समुद्री माइन से टकराने की आशंका

होर्मुज जलडमरूमध्य में रविवार को एक तेल टैंकर में विस्फोट की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर कथित रूप से समुद्री माइन (नौसैनिक बारूदी सुरंग) से टकरा गया, जिसके बाद उसमें विस्फोट हुआ। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने या हुए नुकसान को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अर्ध-सरकारी ईरानी मीडिया के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में कहा गया है कि टैंकर ईरान द्वारा निर्धारित सुरक्षित समुद्री मार्ग से हटकर दूसरे रास्ते पर चला गया था और उसी दौरान वह माइन की चपेट में आ गया। ईरान पहले भी जहाजों को निर्धारित नौवहन मार्ग का पालन करने की चेतावनी देता रहा है। हालांकि, ईरानी सरकार या संबंधित समुद्री प्राधिकरण की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए विस्फोट के कारणों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। इस बीच, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने को लेकर तकनीकी स्तर की वार्ताएं भी हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इन वार्ताओं को सकारात्मक और भविष्य के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने समुद्री यातायात की सुरक्षा और तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हुए व्यावहारिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की है तथा आगे भी तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रहेगी। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ उसकी समुद्री नाकेबंदी जारी है। अमेरिकी सेना के अनुसार, उसने हाल के दिनों में कई वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला, कुछ जहाजों की जांच की और कथित तौर पर नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले एक टैंकर के खिलाफ कार्रवाई की है।

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