अशोक अनन्त
चतरा: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में आम्रपाली कोयला खनन क्षेत्र के पुनः उपयोग (Repurposing) की संभावनाओं को लेकर हितधारकों के साथ बैठक हुई। बैठक का आयोजन जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च सेंटर (JTRC), IIT-कानपुर के सहयोग से किया गया। बैठक में आम्रपाली कोयला क्षेत्र के भविष्य के उपयोग को लेकर चल रहे अध्ययन पर विस्तार से चर्चा की गई। JTRC, IIT-कानपुर के सीनियर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि अध्ययन का उद्देश्य क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को समझना तथा विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना है।
इस दौरान आजीविका एवं कौशल विकास,पारिस्थितिक पुनर्स्थापन एवं भूमि उपयोग, सामुदायिक अवसंरचना तथा संस्थागत समन्वय जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही क्षेत्र के लिए प्राथमिक कार्यों की पहचान, संभावित साझेदारी और आगे की कार्ययोजना पर भी सुझाव लिए गए।हितधारकों ने क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कई सुझाव एवं अनुशंसाएं साझा कीं। इन सुझावों को पुनः उपयोग संबंधी अध्ययन और आगामी कार्ययोजना में शामिल करने पर चर्चा हुई। उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि आम्रपाली क्षेत्र के पुनः उपयोग की दिशा में आगे बढ़ते समय स्थानीय आवश्यकताओं, आजीविका के अवसरों, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और सामुदायिक हितों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से अध्ययन एवं आगे की प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में जिला महाप्रबंधक, आम्रपाली-चंद्रगुप्त क्षेत्र सीसीएल टंडवा, परियोजना पदाधिकारी आम्रपाली परियोजना, सीसीएल के नोडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, बीडीओ टंडवा, डीपीएम जेएसएलपीएस चतरा, संबंधित पंचायतों के पंचायत सचिव, स्वयं सहायता समूहों एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
