नेपाल में साम्प्रदायिक हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री ने बुलाई सुरक्षा परिषद की बैठक

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल में फैली साम्प्रदायिक हिंसा और देश के कई हिस्सों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई। बैठक में देश की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा निकायों एवं हितधारकों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया। सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में गुरुवार को प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में देश की समग्र सुरक्षा स्थिति और 25 जुलाई को सुनसरी में हुई घटना की समीक्षा की गई। परिषद के सदस्य सचिव एवं रक्षा मंत्रालय के सचिव केदारनाथ शर्मा के अनुसार बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी सुरक्षा निकायों और संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय करते हुए सामाजिक सद्भाव तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को बनाए रखने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा। बैठक में शामिल विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि राजनीतिक दलों, स्थानीय हितधारकों और सुरक्षा निकायों के संयुक्त प्रयासों से सुनसरी की स्थिति सामान्य होने की ओर अग्रसर होने की जानकारी दी गई। उनके अनुसार बैठक में इस स्थिति को टिकाऊ बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर संवाद और समन्वय को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए आवश्यक संवाद को तेज करने, संभावित संकट तथा भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा निकायों की क्षमता वृद्धि, आवश्यक संसाधनों के प्रबंधन और प्रशिक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने के विषय पर भी बैठक में चर्चा हुई थी। बैठक में वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, गृह मंत्री सुदन गुरूंग, नेपाल सरकार के मुख्य सचिव और नेपाली सेना के प्रधान सेनापति अशोक सिग्देल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति थी।

नेपाल के साम्प्रदायिक दंगे में घायल एक और युवक की मौत, मृतकों की संख्या हुई दो : नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में सशस्त्र पुलिस बल की गोली लगने से घायल हुए एक और युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही देवानगंज गोलीकांड में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। मोरंग पुलिस के सूचना अधिकारी डीएसपी मकेन्द्र कुमार मिश्र ने गुरुवार को बताया कि देवानगंज के 22 वर्षीय जयप्रकाश मेहता की विराटनगर स्थित न्यूरो अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर 1:24 बजे मृत्यु हो गई। गोली लगने से जयप्रकाश के पेट में गंभीर चोट आई थी और आंते बाहर निकल आई थीं। सोमवार को उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। शव को अस्पताल में ही रखा गया है। रविवार रात को दीवानगंज में दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प को नियंत्रित करने के लिए सशस्त्र प्रहरी ने गोली चलाई थी। घटना में घायल हुए देवानगंज के 25 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की उसी रात इलाज के लिए न्यूरो अस्पताल पहुंचाते ही मौत हो गई थी। इस घटना में गोली लगने से 21 लोग घायल हुए थे। उनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी आठ लोगों का विराटनगर स्थित न्यूरो अस्पताल, विराट नर्सिंग होम और नोबेल शिक्षण अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों में रवींद्र कुमार मेहता और अमित यादव की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। गोलीकांड के बाद सुनसरी के विभिन्न हिस्सों में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और हमलों की घटनाओं के कारण पूरा जिला तनावग्रस्त हो गया था। स्थानीय प्रशासन का कर्फ्यू आदेश अभी भी लागू है। सुनसरी पुलिस के सूचना अधिकारी डीएसपी चंद्रबहादुर खड़का ने बताया कि बुधवार से जिले की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

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