रिपोर्ट- अजय राज
प्रतापपुर/चतरा: प्रतापपुर अंचल कार्यालय ने जाति, आवासीय, आय, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस (एहर) सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों के आवेदन में बढ़ती अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्यालय आदेश जारी किया है। अंचल अधिकारी, प्रतापपुर द्वारा जारी आदेश (ज्ञापांक-730, दिनांक 03 अगस्त 2026) में स्पष्ट कहा गया है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फर्जी वंशावली, गलत वंशावली या दूसरे व्यक्ति के खतियान, केवाला एवं लगान रसीद का उपयोग किए जाने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। कार्यालय ने सभी आवेदकों को निर्देश दिया है कि वे केवल अपने वास्तविक राजस्व दस्तावेजों एवं सही वंशावली के आधार पर ही आॅनलाइन आवेदन करें। यदि भविष्य में किसी भी आवेदन में दस्तावेजों या वंशावली से संबंधित कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आवेदक की होगी और उसके विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इतना ही नहीं, अंचल कार्यालय ने सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों को भी निर्देशित किया है कि वे आवेदकों के दस्तावेजों की भली-भांति जांच करने के बाद ही आॅनलाइन आवेदन करें। यदि किसी प्रकार की फजीर्वाड़े में उनकी संलिप्तता पाई गई, तो जांचोपरांत उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।साथ ही, प्रतापपुर अंचल क्षेत्र के सभी मुखिया, उपमुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे अपने स्तर से सत्यापन सुनिश्चित करने के बाद ही वंशावली निर्गत करें, ताकि फर्जी प्रमाण पत्रों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस आदेश के बाद अब प्रतापपुर अंचल में प्रमाण पत्र निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। आवेदकों के साथ-साथ प्रज्ञा केंद्र संचालकों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है, जिससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
