News By Ajay Raj
रामपुर पंचायत में दो मृत मजदूरों के नाम पर 14-14 दिनों का मस्टर रोल जारी मामले में स्पष्टीकरण असंतोषजनक मिलने के बाद ‘प्रपत्र क’ गठित कर कार्रवाई का आदेश
प्रतापपुर/चतरा:चतरा जिले में मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितता के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रतापपुर प्रखंड की रामपुर पंचायत में मृत मजदूरों के नाम पर मनरेगा में मजदूरी कार्य दिखाए जाने के मामले में पंचायत सचिव सूरज रजक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। दरअसल प्रशासनिक स्तर से पंचायत सचिव के विरुद्ध ‘प्रपत्र क’ गठित कर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज पदाधिकारी, चतरा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
दरअसल उक्त मामला सामने आने के बाद इसकी जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतापपुर द्वारा कराई गई। जांच में पाया गया कि मृत मजदूर विजय भारती और मोहन राम की मृत्यु के बाद भी उनके नाम पर मनरेगा योजना में मस्टर रोल जारी किया गया। जांच रिपोर्ट में इसे मनरेगा प्रावधानों के विपरीत पाया गया।
मृत्यु के बाद भी 14-14 दिन का मस्टर रोल
जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मजदूर विजय भारती की मृत्यु 10 जनवरी 2026 को हुई थी। इसके बावजूद उसके नाम पर 21 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक कुल 14 दिनों तथा 7 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक 14 दिनों का मस्टर रोल जारी किया गया। यह कार्य ग्राम गेड़े में लालू यादव के खेत में डोभा निर्माण के नाम पर दर्शाया गया था।
इसी प्रकार दूसरे मृत मजदूर मोहन राम की मृत्यु 30 दिसंबर 2025 को हो चुकी थी। इसके बाद भी उसके नाम पर 21 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक 14 दिन का मस्टर रोल ग्राम गेड़े में सुनील यादव के खेत में डोभा निर्माण के लिए तथा 7 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक 14 दिन का मस्टर रोल मनीष कुमार की जमीन में डोभा निर्माण के नाम पर निर्गत किया गया।
जांच में दोनों मामलों को मनरेगा प्रावधानों के बिल्कुल विपरीत पाया गया।
मांगा गया था स्पष्टीकरण, परंतु नहीं दिया गया संतोषजनक जवाब
जांच में अनियमितता सामने आने के बाद पंचायत सचिव सूरज रजक से स्पष्टीकरण मांगा गया। विभागीय आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि पंचायत सचिव द्वारा उपलब्ध कराया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक एवं अस्वीकार्य पाया गया है। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जिला दंडाधिकारी-सह- उपायुक्त, चतरा के कार्यालय की जिला ग्रामीण विकास शाखा से जारी आदेश में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतापपुर को निर्देश दिया गया कि पंचायत सचिव सूरज रजक के विरुद्ध ‘प्रपत्र क’ गठित करते हुए सभी साक्ष्यों के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज पदाधिकारी, चतरा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
दैनिक अखबार एवं सोशल मीडिया में छपे खबर ‘जहां मुर्दे भी करते हैं मनरेगा में मजदूरी’ के बाद खुला मामला
यह मामला उस खबर की जांच से सामने आया, जिसमें “जहां मुर्दे भी करते हैं मनरेगा में मजदूरी” शीर्षक से रामपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं में कथित गड़बड़ी का मामला प्रकाशित हुआ था। खबर पर जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतापपुर से मामले की जांच कराई गई।
जांच के बाद मृत मजदूरों के नाम पर मस्टर रोल जारी किए जाने की पुष्टि होने पर प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया गया। जिला स्तर से जारी आदेश में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतापपुर को उपस्थापन पदाधिकारी तथा अपर समाहर्ता, चतरा को संचालन पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है।
जिले में मनरेगा कार्यों पर बढ़ी निगरानी
इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजना में अनियमितता को लेकर गंभीर है। मृत व्यक्ति के नाम पर मस्टर रोल जारी किए जाने जैसे मामले ने योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब पंचायत सचिव के विरुद्ध ‘प्रपत्र क’ गठित कर साक्ष्यों के साथ जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भेजे जाने के बाद विभागीय कार्रवाई की अगली प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
हालांकि, पंचायत सचिव पर अंतिम दंडात्मक कार्रवाई अभी नहीं हुई है। जिसका लोगों को इंतजार रहेगा।। वहीं आम ग्रामीण उपायुक्त चतरा के कार्यशैली से खासा प्रभावित हैं तथा लोगों में आम चर्चा है कि पदाधिकारी हो तो ऐसा।।।
