Eksandeshlive Desk
रांची: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई वार्ता किसी अंतिम और निर्णायक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि, बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और सरकार ने छात्रों के साथ आगे भी वार्ता जारी रखने की इच्छा जताई। बैठक में सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हुए। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल में रामा अवतार महतो, दिनबंधु मंडल, चंदन रजक, विमल कुमार, प्रेम कुमार, रवि शंकर, अमित कुमार शर्मा और कमलेश चौधरी शामिल रहे। छात्र प्रतिनिधियों की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में उनकी विभिन्न मांगों को तथ्यों और साक्ष्यों के साथ सरकार के समक्ष रखा गया। मांगों के अलग-अलग बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मांग पर बैठक के दौरान अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
छात्रों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग दोहराई
बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय की घोषणा करेगी। हालांकि, छात्र नेता की ओर से भूख हड़ताल समाप्त करने की कोई घोषणा नहीं की गई। देवेंद्रनाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को सातवें दिन भी जारी रही। देवेंद्रनाथ महतो ने शनिवार को झारखंड आंदोलन के शहीद निर्मल महतो को पुष्पांजलि अर्पित की और अपनी भूख हड़ताल का सातवां दिन उन्हें समर्पित किया। उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो के संघर्ष, त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर छात्रों के न्यायपूर्ण आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का सत्याग्रह धरना शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच आंदोलन को समर्थन देने और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के स्वास्थ्य की जानकारी लेने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू और अभिनेता पीयूष मिश्रा भी धरना स्थल पहुंचे। दोनों ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों एवं आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने छात्रों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग दोहराई।
जेपीएससी छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर, संवाद-जांच-सुधार के रास्ते पर बढ़ रही आगे : दीपिका पांडेय
झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय ने जेपीएससी-जेएसएससी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मीडिया से शनिवार को कहा है कि छात्रों की बात गंभीरता से सुनी जा रही है। और उनकी मांगों के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जेपीएससी छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर, संवाद, जांच और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, झारखंड छात्र मोर्चा और एसीएस आदिवासी सहित विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद हुआ है। छात्र संगठनों की ओर से रखे गए सभी सुझावों और चिंताओं से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, अभ्यर्थियों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और सिविल सोसाइटी समेत सभी संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुझाव ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं, ताकि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर विचार किया जा सके। मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के छात्रों के अधिकार का सम्मान किया जाता है। छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि इनके समाधान के लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था और जेपीएससी प्रकरण पर सरकार संवाद, जांच और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों से प्राप्त सुझावों और चिंताओं का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ताकि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और भरोसा मजबूत करने की दिशा में पहल की जा सकेगी।
